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Hisar News: शहर में 1.52 लाख प्रॉपर्टी, डाटा ठीक करवाने के लिए आईं 94 हजार 679 आपत्तियां, 50 हजार बिल बंटने अभी बाकी

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हिसार। हाउस की 9वीं बैठक के आखिरी दिन शुक्रवार नगर निगम से जुड़े एजेंडों पर चर्चा हुई। इस दौरान निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा की रिपोर्ट प्रस्तुत की। निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में वर्तमान में 1 लाख 52 हजार 864 प्रॉपर्टी हैं। प्रापर्टी सर्वे के बाद से डाटा ठीक करवाने के लिए अभी तक 94 हजार 679 आपत्तियां आईं हैं। इनमें से 19 हजार 425 रद्द कर दी गईं। अब एमसी लेवल पर 946 लंबित हैं। 7520 आपत्तियां सिटीजन को रिवर्ट की गई हैं। एमसी लेवल पर लंबित आपत्तियाें में मेकर के लेवल पर 627 व चेकर के लेवल पर 149 आपत्तियां लंबित हैं। मेयर ने कहा कि प्राॅपर्टी टैक्स सर्वे में यह था कि अगर 20 प्रतिशत से ज्यादा गलतियां आएंगी तो सर्वे ही गलत होगा। अभी तक 94 हजार आपत्तियां आ चुकी हैं, जबकि अभी 50 हजार बिल बंटने बाकी हैं। मेयर ने अधिकारियों से पूछा कि क्या ऑब्जेक्शन 20 प्रतिशत से पार हो चुके हैं। मेयर के सवाल पर अधिकारी चुप्पी साध गए और फिर बोले कि अभी यह डाटा तैयार नहीं है। मनोहर लाल ने कहा कि इस सर्वे के लिए कंपनी को पेमेंट हुई है। इसका मतलब निगम की तरफ से उसके सर्वे को सही ठहराया गया। पार्षद ने कहा कि निगम की तरफ से सर्वे को लेकर कोई सर्टिफिकेट दिया गया है, तभी उसकी पेमेंट हुई है। मेयर ने कहा कि यह पेमेंट मुख्यालय स्तर पर हुई है हमने तो उसका टेंडर रद्द करने के प्रस्ताव ही पास कर दिया था। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि कंपनी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करके भेज दो। मनोहर लाल ने कहा कि यह कर्मचारी अधिकारियों की मेहनत का ही नतीजा है वरना इन्हें आज यहां हेलमेट लगाकर बैठना पड़ता।
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40 हजार रुपये लेकर जारी की गई एनडीसी
पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि उनके वार्ड में एक व्यक्ति ने एनडीसी के लिए आवेदन किया। पहले उसे अनअप्रूव्ड बताकर मना कर दिया गया। मगर उसके पड़ोस में ही एक व्यक्ति को एनडीसी जारी कर दी गई। उक्त व्यक्ति का कहना है कि एनडीसी के लिए उसने 40 हजार रुपये दिए। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि कुछ अप्रूव्ड प्रॉपर्टी अनअप्रूव्ड दिख रही है। निगम ने इस तरह की 1800 प्रॉपर्टी की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसी ने ऐसा किया है तो अभी तुरंत नौकरी से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पार्षद टीनू जैन ने कहा कि किसी के कहने पर की गई होगी। निगमायुक्त ने कहा कि इस तरह की स्थिति कतई बर्दाश्त नहीं होगी। डीएमसी विरेंद्र सहारण ने बताया कि यह एनडीसी 30 जनवरी 2023 को जारी हुई है। पार्षदों ने कहा कि सीएससी सेंटर वालों के पास लोग जाते हैं। यहां पास 5 हजार रुपये लेकर काम किए जाते हैं। एप्लीकेशन लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर ही व्यवस्था की जाए ताकि फाइल रिवर्ट करनी ही न पड़े। इसे लेकर टैक्स ब्रांच में एक सीनियर ऑफिसर क्लर्क के साथ बैठाया जाए, जो लोगों को फाइल में लगने वाले दस्तावेजों की सही ढंग से जानकारी दे सके। भूप सिंह ने कहा कि अपने निगम के सामने हलवाई के पास ही सीएससी है। उसके कहने से ही फाइल चलती है और बंद होती है। डीएमसी ने कहा कि हमारे पास एक ऑडियो क्लिप आई थी। उसके लिए हमने एफआईआर व फोरेंसिक जांच के लिए पुलिस को लिखा हुआ है। पार्षद शालू दीवान ने कहा कि मेरे फैमिली में ही पैसे मांगे गए हैं। निगमायुक्त ने कहा कि आप नाम बताइए हम कार्रवाई करेंगे।
पार्षदों का आरोप-लोग आपत्तियां ठीक करवाने के लिए काट रहे निगम के चक्कर
राजपाल मांडू ने कहा कि उसके वार्ड में एक प्रॉपर्टी के दोनों तरफ की आईडी खत्म करके उन्हें भी उसी में मिला दिया और उसका नाम भी बदल दिया। अब वह व्यक्ति चक्कर काट रहा है। 125 गज एरिया को बढ़ाकर 300 गज कर दिया। पार्षद सतीश सुरलिया ने बताया कि एकता कॉलोनी में एक व्यक्ति की कार्ड की प्रॉपर्टी है। उससे 10 हजार फीस भी जमा करवा ली। मगर रिकॉर्ड में उसका नाम नहीं चढ़ाया जा रहा है। पार्षद प्रीतम सैनी ने कहा कि मेरे एक जानकार ने फाइल लगाई। बाद में उसने यह कहते हुए फाइल रिजेक्ट करने को कहा कि उसे मुझे दोबारा फाइल लगानी है। मगर बार-बार संबंधित क्लर्क इसे रिवर्ट कर कर रहा है। डीएमसी व कमिश्नर साहब ने भी इसे लेकर स्टाफ को आदेश कर दिए। मगर संबंधित क्लर्क ने फाइल रिजेक्ट नहीं की। अब फाइल लगाने वाले में फाइल रिजेक्ट करने के साथ लिखा है कि मुझसे गलती हो गई। मैं नगर निगम में इस फाइल को लेकर आया। दोबारा इस नगर निगम में नहीं आऊंगा। डीएमसी ने कहा कि यह सब डिविजन का केस है, हम इसे रिजेक्ट कर देंगे। प्रीतम सैनी ने कहा कि यह टीपी स्कीम में है ही नहीं। मेयर ने इस मामले में क्लर्क को सस्पेंड करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एक पार्षद की सुनवाई नहीं हो रही तो जनता कैसे संतुष्ट होगी। क्लर्क को सस्पेंड करने के मामले को लेकर निगमायुक्त और भूप सिंह रोहिल्ला के बीच में बहस हुई। निगमायुक्त में कहा कि अगर ऐसा होगा तो फिर पार्षद भी बीच में दखलंदाजी नहीं करेंगे। बाद में फैसला हुआ कि क्लर्क प्रदीप व राजकुमार के काम की 6 महीने की जांच की जाएगी और एएमसी प्रदीप हुड्डा इसकी जांच करेंगे। प्रीतम सैनी ने कहा 4218 नंबर फाइल के लिए 6 सितंबर से चक्कर लगा रहे हैं। इस कार्य के लिए ऐसे कर्मचारियों को बिठाया जाए, जिसकी पब्लिक डीलिंग अच्छी हो। रिवर्ट सिस्टम बंद किया जाना चाहिए इसकी बजाय फाइल लगाने वाले को फोन कर लिया जाए। मेयर ने कहा कि आज तक मेरे पास दो ही लोग आए, जिन्होंने टैक्स ब्रांच की प्रशंसा की। निगमायुक्त ने कहा कि ऐसा नहीं है और हम इस बात पर एग्री नहीं करते। निगमायुक्त ने कहा कि मेयर साहब यह खराब बात है। अगर आप किसी काम को करवाएंगे तो हम फिर कागज पर ही लेंगे। मेयर ने कहा कि यह कोई तरीका नहीं है।
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कृषि भूमि पर निगम दिखा रहा फैक्टरी
पार्षद राजपाल मांडू ने बताया कि निगम ने कृषि भूमि को खाली प्लॉट दिखा रखा है। कहीं भी उसे कृषि भूमि नहीं दिखाया गया। इससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। सारा सर्वे गलत हो रखा है। पार्षद ने कहा कि पटवारी कृषि भूमि पर फसल दिखा रहा है और नगर निगम कृषि भूमि को फैक्टरी की जगह बता रहा है। पार्षद ने कहा कि यह गांव 400 साल पुराना है। लाल डोरे में स्वतंत्रता सेनानी लाला हरदेव सहाय का मकान भी अनअप्रूव्ड बता रखा है और एमसी का मकान भी अनअप्रूव्ड दिखा रखा है।
कार्ड वाले प्लॉट की एनडीसी के लिए दोबारा से जारी करवाया जाएगा लेटर
मेयर ने कहा कि सीएम ने जन संवाद कार्यक्रम में कार्ड वाले प्लॉट को एनडीसी देने पर रोक लगा दी है। मेयर बोले अब इसे लेकर दोबारा से लेटर जारी करवाएंगे तब हम मानेंगे। मेयर ने निगमायुक्त से कहा कि आज ही लेटर जारी करो, हम नई डेट का लेटर जारी करवा कर ला देंगे डीएमसी ने कहा कि हमने पुराने लेटर के आधार पर काम भी शुरू कर दिया था।
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ये दिए आदेश
प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित ऑनलाइन ऑब्जेक्शन लगाने के लिए 5 कर्मचारी लगाए जाएंगे। यह व्यवस्था मंगलवार से लागू हो जाएगी, जो पूरी तरह से निशुल्क होगी।

सब डिवाइड के लिए अब लोगों को आर्किटेक्ट के पास नहीं भेजा जाएगा निगम का कर्मचारी ही उसकी फाइल तैयार करेगा।

- भारत नगर के लोगों को उनकी प्रॉपर्टी का मालिकाना हक दिलाने के लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
- जवाहर नगर में रिहायशी प्रॉपर्टी मालिकों से विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- सातरोड में लाल डोरे के लिए पुराने रिकॉर्ड को ही आधार माना जाएगा। अगर कोई चेकिंग करवानी है तो मौके पर रिपोर्ट कर देगा।
- किसी प्रॉपर्टी की मंजिल पर सिर्फ शौचालय बना हुआ है। उस मंजिल पर टैक्स न लेने को लेकर सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि किसी मकान की सबसे ऊपरी मंजिल पर अगर बाथरूम बना रखा है तो उस मंजिल का टैक्स नहीं लगेगा।
यह दी जानकारी
- 1 अप्रैल से 20 अक्तूबर तक 5.27 करोड़ रुपये टैक्स एकत्रित हुआ, जिसमें फायर टैक्स भी शामिल है।

- गारबेज टैक्स को एक साथ ठीक करने को लेकर मुख्यालय लेटर भेज दिया गया है।
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