हिसार। नगर निगम में शुक्रवार को टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एडहॉक सब कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान डीटीपी ने बताया कि मुख्यालय की तरफ से लगाईं आपत्तियों को ठीक करने के बाद 24 में से 10 अवैध कॉलोनियां ही नियमों पर खरी उतरी हैं। वहीं, रिहायशी भवन न मिलने पर 14 कॉलोनियों को सूची से बाहर कर दिया है। डीटीपी ने अब चुनी गई 10 कॉलोनियों का ले आउट प्लान नगर निगम को सौंप दिया है। नगर निगम अब इन कॉलोनियों के ले आउट प्लान को मुख्यालय भेजेगा।
उधर, आधी से ज्यादा कॉलोनियों के रद्द होने से मेयर व पार्षद मायूस हो गए और उन्होंने एजेंडों पर भी चर्चा नहीं की। बता दें कि 5 से 7 जुलाई तक हाउस की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में डीटीपी से जुड़े एजेंडों पर चर्चा नहीं हो सकी थी। इस पर हाउस ने फैसला किया था कि डीटीपी से जुड़े एजेंडों पर चर्चा को लेकर 14 जुलाई को बैठक की जाएगी। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, एएमसी डाॅ. प्रदीप हुड्डा, डीएमसी विरेंद्र सहारण, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, पार्षद अनिल जैन, पार्षद जयप्रकाश, पार्षद पिंकी शर्मा, पार्षद कैप्टन नरेंद्र शर्मा, पार्षद सतीश मुरलिया, पार्षद जगमोहन मित्तल, डीटीपी गुंजन वर्मा, एसडीओ सुनील लांबा, पटवारी दीपक शर्मा मौजूद रहे।
ये काॅलोनियां वैध होने की सूची में हुई शामिल
विश्वासपुरम कॉलोनी, आरएस कॉलोनी बगला रोड, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कॉलोनी फेज-1, शहीद भगत सिंह कॉलोनी फेज-2, आदर्श नगर कैंट, हनुमान कॉलोनी एक्सटेंशन कैंट, सैनिक विहार कैंट, शिव कॉलोनी कैमरी रोड, साउथ सिटी, तारा नगर, जय श्री श्याम विहार कॉलोनी।
तीन कॉलोनियां गठबंधन सरकार के एक नेता की
जिन 10 कॉलोनियों की सूची वैध करवाने के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजी जाएगी, उनमें वार्ड-14 व वार्ड-1 की 4-4 कॉलोनियां हैं। इसके अलावा वार्ड 11 की 3 कॉलोनियां हैं। एक खास बात यह भी है कि इनमें तीन कॉलोनियां सत्ताधारी गठबंधन सरकार के एक नेता की हैं। वहीं पहले जिन 24 कॉलोनियों की सूची मुख्यालय को भेजी गई थीं, उनमें आधी से ज्यादा कॉलोनियां वार्ड 1 की थीं।
इन 24 कॉलोनियों पर लगाई थी आपत्ति
हनुमान कॉलोनी एक्सटेंशन एंड बालाजी कॉम्प्लेक्स कॉलोनी, विश्वासपुरम कॉलोनी, आरएस कॉलोनी, कृष्णा एनक्लेव, गोबिंद एनक्लेव, श्याम विहार, आदर्श नगर कैंट के पास, राधिका वाटिका एंड बालाजी विहार, लक्ष्मी विहार एंड गणपति विहार कॉलोनी, शिव शक्ति विहार, कार्तिक एनक्लेव कॉलोनी, रिंग रोड कॉलोनी, बीएचपी कॉम्प्लेक्स कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कॉलोनी फेज-1, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कॉलोनी फेज-2, हनुमान कॉलोनी, गुरु गोबिंद नगर, सरदार बलवंत सिंह कॉलोनी, इंडस्ट्रियल कॉलोनी ओपीजेएमएस के पास, श्याम इस्पात कॉलोनी, साउथ सिटी, तारा नगर, जय श्री श्याम विहार कॉलोनी, सैनिक विहार कैंट, शिव कॉलोनी।
इन नियमों के आधार पर चयनित हुईं कॉलोनियां
- अवैध कॉलोनी निकाय सीमा के अंदर हो।
- यदि कॉलोनी एकांत में बसी है तो उसका एरिया 2 एकड़ से कम न हो।
- अप्रोच रोड की चौड़ाई 6 मीटर से कम न हो।
- कॉलोनी के रोड की चौड़ाई 3 मीटर से कम न हो।
इन क्षेत्रों को नहीं किया जाएगा शामिल
1. 4 हजार एकड़ से ज्यादा एरिया के खाली प्लॉट।
2. वह सार्वजनिक जमीन, जो ग्राम पंचायत, निकाय की जमीन, वक्फ, हरियाणा भूमि संरक्षण एक्ट 1900 के तहत सूचीबद्ध व गैर सूचीबद्ध जमीन, नदी का एरिया।
3. डिफेंस एक्ट 1903 के तहत प्रतिबंधित एरिया, ऐतिहासिक स्मारक, पुरातत्व स्थल।
4. एयरपोर्ट, डिफेंस लैंड व आयुद्ध डिपो के पास का प्रतिबंधित एरिया।
5. शेड्यूल रोड, नेशनल हाईवे के पास का प्रतिबंधित एरिया।
6. सेक्टर की प्रस्तावित सड़क व ग्रीन बेल्ट की जमीन में आ रहा एरिया।
7. सरकार की तरफ से अधिसूचित की गई जमीन।
8. औद्योगिक इकाई, वेयरहाउस, दुकान, शोरूम, व्यावसायिक भवन, मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, बैक्वेट हॉल, स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल, संस्थान की इमारत का एरिया।
निगम सर्वे को लेकर मुख्यालय को लिखेगा पत्र
उधर, यूएलबी की तरफ से सभी निकायों को बची हुई कॉलोनियों का सर्वे करने को लेकर लिखे गए पत्र के संबंध में नगर निगम मुख्यालय को एक पत्र लिखेगा। निगम अधिकारियों की मानें तो इस पत्र के माध्यम से पूछा जाएगा कि बची कॉलोनियों का सर्वे किस गाइडलाइन के आधार पर करवाया जाएगा। यूएलबी मुख्यालय की तरफ से गाइडलाइन आने के बाद भी आगामी कार्रवाई की जाएगी।
निकाय सीमा से बाहर बसी 33 कॉलोनियों को फिजिकल सर्वे हुआ
उधर जिले में निकाय सीमा से बाहर बसीं 133 कॉलोनियों में से 33 का फिजिकल सर्वे पूरा हो गया है। बाकी कॉलोनियों का सर्वे जल्द ही पूरा कर इन्हें उपायुक्त के माध्यम से सरकार के पास भिजवाया जाएगा। बता दें कि डीटीपी के सर्वे में निकाय सीमा से बाहर 168 अवैध कॉलोनियां मिली थीं। अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए आवेदन मुख्यालय भिजवाए थे। मुख्यालय की तरफ से छंटनी के बाद 33 आवेदन रद्द कर दिए गए। मुख्यालय का तर्क था कि ये 33 कॉलोनियां निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करती। अब मुख्यालय ने बाकी बचे 135 कॉलोनियों के आवेदन वापस जिला मुख्यालय भेज दिए हैं। जिला अधिकारी अब इन आवेदनों को जिला स्तरीय जांच कमेटी (डीएलएससी) से मंजूर करवाकर मुख्यालय भिजवाएंगे। इससे पहले इन कॉलोनियों के फिजिकल सर्वे को लेकर गठित की कमेटी सर्वे का काम कर रही है।