लोकसभा चुनाव में पानीपत के दो बूथों (नंबर 18 और 48) पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच के लिए करनाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार और हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा सोमवार को चुनाव कार्यालय पहुंचे। यहां ईवीएम की चेकिंग और वेरिफिकेशन करवाई गई। इस दौरान चुनाव आयोग की तरफ से भी तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
जांच के दौरान दिव्यांशु ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अधिकारियों से कंट्रोल यूनिट को मतदान के दिन 25 मई सेट करने को कहा तो इनकार कर दिया गया, जबकि कोई भी मशीन का समय और तारीख़ बदला जा सकता है। आरोप है कि जांच के दौरान सोमवार को उनके इस सवाल का अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
उन्होंने बताया कि चेकिंग और वेरिफिकेशन के दौरान अधिकारी ईवीएम में चुनाव लड़ने वाली पार्टियों के चुनाव चिह्न लोड करने की बजाय डमी चिह्न अपलोड कर रहे थे। इस पर जब उन्होंने उनसे सिंबल लोडिंग मशीन से पार्टियों के ही चिह्न अपलोड करने को कहा तो इस पर भी अधिकारी बहाने बनाने लगे और मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव सिंबल यानी पार्टी के चिह्न पर लड़ा था तो जांच भी उसी सिंबल को लोड करके होनी चाहिए थी, जो नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अधिकारियों से मतदान के दिन कंट्रोल यूनिट से रिज़ल्ट स्लिप टाइमिंग के मुताबिक, दिखाने के लिए कहा, तब भी अधिकारियों ने इससे इनकार कर दिया।
दिव्यांशु ने कहा कि इन तमाम बातों से अंदेशा हो रहा है कि ईवीएम में बड़ी गड़बड़ी की गई है। आरोप लगाया कि भाजपा से उम्मीदवार रहे मनोहर लाल ने प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर चुनाव जीता है। उन्होंने कहा कि मामले में न्याय के लिए अब वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।