रॉबर्ट वाड्रा समेत हरियाणा में जितने भी सीएलयू जारी किए गए हैं उन सभी की जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस अब जेबी पार्टी बनकर रह गई है। अब पार्टी में पहली जैसी सुनवाई नहीं होती।
ये आरोप गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को यहां प्रेस क्लब में मीट द प्रेस कार्यक्रम के दौरान लगाए।
सांसद ने कहा कि अगर वाड्रा ने गलत काम किया होगा तो वे भी भुगतेंगे। अकेले गुड़गांव में 21000 एकड़ के चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) दिए गए हैं। गुड़गांव के तीन बार क्यों मास्टर प्लान बदले गए।
प्रस्तावित ड्राफ्ट प्लान में जो जमीन किसी और उद्देश्य के लिए होती थी मगर बिल्डरों के खरीदने के बाद उसे रेजिडेंशियल बना दिया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। गुड़गांव में कुल 80000 एकड़ जमीन है जिसमें 54000 एकड़ तक के सीएलयू सरकार देना चाहती है।
स्थानीय बाशिंदों के पास कोई जमीन नहीं रह गई है। गुड़गांव में 1200 एकड़ जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के बाद दफा चार और छह के बाद रिलीज की गई है। अब सुनने में आ रहा है कि सरकार 50000 हैक्टेयर गुड़गांव के आसपास डेवलप करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में मंत्री न बनने के कारण वे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का अधिकार क्षेत्र है। जनता के प्रतिनिधि के नाते वे जनहित में आवाज उठाते रहेंगे।
कुछ विधायकों और कांग्रेस नेताओं द्वारा उन पर लगाए आरोप गलत हैं। प्रदेश सरकार ने नीति ही ऐसी ही बनाई है कि बिल्डरों के बगैर किसी भी किसान को लाइसेंस नहीं मिल सकता।
सीएलयू देने की जांच अगर यह सरकार नहीं करवाएगी तो आने वाली कांग्रेस या गैर कांग्रेस सरकार करवाएगी जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा नहीं होंगे।
कांग्रेस जेबी पार्टी बनकर रह गई
सांसद ने कहा, ‘मैं तो कांग्रेस में उस समय से हूं जब ये नेता कांग्रेस में नहीं थे। तब कांग्रेस में अपनी बात कहने का अधिकार होता था। लोकतंत्र था मगर अब कोई सुनवाई नहीं हो रही है।’
कांग्रेस द्वारा पार्टी से बाहर करने या खुद कांग्रेस छोड़ने का इंतजार करने के सवाल पर सांसद ने कहा, ‘मैं अभी कांग्रेस में हूं। आगे क्या होगा ये वक्त बताएगा।’ भाजपा में जाने के सवाल को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने टिप्पणी की कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का इनेलो के साथ समझौता नहीं हो सकता।