रेवाड़ी के हुडा ग्राउंड में एक तरफ भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी मंच से केंद्र सरकार को ललकार रहे थे, वहीं दूसरी तरफ भीषण गर्मी के चलते पंडाल में बैठी पांच महिलाएं बेहोश हो गई।
बताया जा रहा है कि उन्हें पीने के लिए पानी नहीं मिल पाया था। जैसे ही महिलाओं के बेहोश होने की जानकारी मिली तो मोदी के मंच पर भी भगदड़ मच गई।
कार्यकर्ता पानी की बोतलें लेकर दौड़े। मोदी के मंच के पास ही दो महिलाएं काफी देर तक बेहोश पड़ी रहीं। तीन महिलाएं पंडाल में भीड़ में फंसने के कारण चलते-चलते रास्ते में बेहोश होकर गिर गई।
वहीं दूसरी ओर दर्शक मोदी को देखने के लिए इतने उतावले थे कि पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडों को भी उन्होंने तोड़ दिया। इस पर भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी।
गदगद हो गए मोदी
रैली में भारी भीड़ देखकर नरेंद्र मोदी गदगद हो गए। 14 साल पहले रेवाड़ी में हुई अटल बिहारी वाजपेयी की रैली की तुलना में मोदी की रैली संसाधनों, प्रचार और लोकप्रियता समेत हर मामले में बड़ी नजर आई।
रैली में उमड़े जन सैलाब को देख खुद मोदी को कहना पड़ा कि 14 साल पूर्व वाजपेयी जी की रैली में भी वह रेवाड़ी आए थे, लेकिन आज (रविवार) का दृश्य अद्भुत है।
चारों तरफ नर मुंड दिखाई पड़ रहे हैं और किसी कैमरे में इतनी ताकत नहीं है जो इस भीड़ को कैद कर सके।
चाय पिलाकर की थी जवानों की सेवा
अपने भाषण के दौरान मोदी ने कहा कि 13 सितंबर को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर उन्हें उतना गौरव नहीं हुआ था, जितना आज इस वीरभूमि पर सैनिकों के बीच आने से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बचपन में उनके मन में भी सैनिक बनने की इच्छा थी लेकिन आर्थिक तंगी के चलते सपना अधूरा रह गया, जो अब सैनिकों की सेवा करके पूरा करना चाहता हूं।
1962 की लड़ाई में जाने वाले सैनिकों की उन्होंने चाय पिलाकर सेवा की थी और आज भी मौका मिलता है दिवाली मनाने सीमाओं पर जाता हूं।