गायों के खाने के लिए सब्जियां काटते शहर के युवा।
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार के नशा के विरुद्ध चलाए गए अभियान से प्रेरित होकर शहर के कई युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। गोसेवा में जुटे कई युवा भी नशे के विरुद्ध लोगों को जागरूक कर गोवंश की सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। शहर के 70 युवाओं का एक ग्रुप गोसेवा में लगा हुआ है। यह ग्रुप आर्थिक तंगी से जूझ रही गोशालाओं के लिए मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। फतेहाबाद की नंदीशाला के अलावा आसपास के गांवों में भी इन युवाओं का झुंड गायों व नंदियों की सेवा के लिए पहुंच रहा है।
शहर में गोवंश की भूख व प्लास्टिक से हो रही मौतों को देखते हुए शहर के कई युवाओं ने एक साल पहले एक ग्रुप का गठन किया था। इस दौरान युवा आपस में दानराशि एकत्र करते थे। इसके बाद श्री श्याम गोवा सेवा समिति का गठन किया गया। युवाओं ने बताया कि शहर की नंदीशाला में नंदियों तक शहर के लोग नहीं पहुंच पाते। इसलिए उन्होंने पहल करते हुए नंदीशाला में सप्ताह में एक बार हरा चारा व सब्जियां लेकर जाने का निर्णय लिया। शुरुआती तौर पर हुई इस पहल के बाद अब युवाओं का कारवां बढ़ता जा रहा है। अब तक 70 युवा इस मुहिम में जुड़े चुके हैं।
सप्ताह में पांच दिन नंदीशाला को समर्पित युवाओं की यह टोली हर माह 1500 से दो हजार रुपये तक अपनी जेब से ग्रुप को देती है। पहले बजट कम था तो एक दिन ही नंदीशाला या गोशाला में जाना हो पाता था, लेकिन अब तक सप्ताह के पांच दिन इन युवाओं ने बीघड़ रोड स्थित नंदीशाला को समर्पित किए हुए हैं। यह युवा सुबह पहले सब्जी मंडी में जाकर नंदियों के लिए सब्जियां व हरा चारा लेकर जाते हैं। सभी युवा स्वयं ही सब्जियां व चारा काटकर नंदीशाला में नंदियों को भोजन करवाते हैं। युवा प्रतिदिन करीब 10 से 15 क्विंटल सब्जियां व पांच ट्राली हरा चारा भिजवा रहे हैं।
इन गोशालाओं में भी कर रहे सेवा
फतेहाबाद की चिंदड़ व खैरातीखेड़ा गोशालाओं में भी हर सप्ताह इन युवाओं द्वारा हरे चारे की ट्रालियां भिजवाई जा रही हैं। गांव खैरातीखेड़ा में हर सप्ताह तीन ट्रालियां व चिंदड़ में दो ट्रालियां भेजी जा रही हैं।
बोले सदस्य
हमें पता चला था कि नंदीशाला, चिंदड़ व खैरातीखेड़ा में गोवंश की संख्या अधिक है और यहां पर पशुओं को चारे के लिए कमी आ रही है। इसी को देखते हुए हमने श्री श्याम गो सेवा समिति के नाम से एक संस्था बनाई और अब तक 70 सदस्य जुड़े चुके हैं। नशे से दूर होकर अगर शहर के युवा गोवंश की सेवा करें तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं होगा।
-श्री श्याम गो सेवा समिति के सदस्य, फतेहाबाद।