फतेहाबाद। शहर के मुख्य मार्गों पर डिवाइडरों के साथ लगे स्ट्रीट लाइटों के खंभों से निकले तार बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ठंड का मौसम आ चुका है और हल्की ओस भी पड़ने लगी है, ऐेसे में खंभों में इन खुली हुई बिजली की तारों से करंट आने का डर बना हुआ है।
शहर से गुजरने वाले जीटी रोड व भट्टू रोड पर लगे डिवाइडरों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। इन स्ट्रीट लाइटों के खंभों में ढक्कन लगे हुए हैं, जिसमें बिजली की तारें ऊपर तक जाती हैं। कई बार स्ट्रीट लाइट खराब होती है तो इन ढक्कनों को खोलकर उसकी मरम्मत की जाती है। पूरे दिन इन दोनों मुख्य सड़कों से सैकड़ों के करीब वाहन गुजरते हैं और यहां पर लोहे की रेलिंग भी लगी हुई है। खुली तारों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि इन रेलिंगों के बीच से डिवाइडर से इधर-उधर जाने के लिए पासिंग भी है, जहां से लोग भी सड़क के दोनों छोरों पर इधर-उधर जाते हैं और कभी भी करंट लगने का भय बना रहता है।
मरम्मत के बाद नहीं लगाए जाते दोबारा ढक्कन
शहर में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का कार्य नगर परिषद करवाता है। इसके लिए स्पेशल इलेक्ट्रिशियन को ठेका भी दिया जाता है। नगर परिषद की तरफ सेे जब भी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत होती है, खंभों के ढक्कन नहीं लगाए जाते, बल्कि तारों को बाहर ही छोड़ दिया जाता है। शहर के जीटी रोड व भट्टू रोड पर 60 फीसदी के करीब खंभों के ढक्कन नहीं लगे हैं। हालात यह हैं कि अगर खंभों के बाहर झूलती इन तारों में कहीं भी तार कटी होगी तो करंट का खतरा बन जाएगा।
तारों में दौड़ता है करंट, ठंड में हादसों का खतरा
फतेहाबाद में डिवाइडरों पर लगी स्ट्रीट लाइटों के खंभों पर तार बाहर लटक रहे हैं और अब ठंड का मौसम में ओस बढ़ने से वातावरण में नमी आएगी। ऐसे में बाहर लटके तार कहीं से कटे हैं तो उनसे रेलिंग में करंट आएगा, जोकि बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
कोट
स्ट्रीट लाइटों केेे खंभों के मरम्मत के बाद अगर ढक्कन नहीं लगाए जा रहे तो इसकी जांच की जाएगी और जल्द ही ढक्कनों को लगवाया जाएगा। इस मामले में किसी प्रकार की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
-ऋषिकेश, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद फतेेहाबाद।