फतेहाबाद। गांव भिरड़ाना में ग्राम पंचायत की मुखिया पत्नी गांव के सरकारी काम के लिए प्रयोग हो रहे लोहे को पति की ही फर्म से खरीद रही हैं। इस प्रक्रिया को गलत बताते हुए गांव भिरड़ाना के कई ग्रामीण उपायुक्त राहुल नरवाल के पास शिकायत लेकर पहुंचे। उपायुक्त ने एसडीएम को पूरी जांच करके एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
डीसी के पास शिकायत लेकर आए गांव भिरड़ाना के ग्रामीण विपिन कुमार, भजन सिंह, मदन लाल, कर्मचंद, राजकुमार, मिलखराम और गुरबक्श आदि ने बताया कि उनके गांव की सरपंच परमजीत कौर हैं। परमजीत कौर के पति जसविंदर सिंह ने श्रीनानक चोगाठ एंड स्टील इंडस्ट्रीज के नाम से अपनी फैक्टरी लगा रखी है। ग्राम पंचायत की ओर से गांव के सार्वजनिक स्थलों पर प्रयोग किए गए सामान की खरीद जसविंदर सिंह की फैक्टरी से की गई है। करीब 7,79,179 रुपये का लोहे का सामान ग्राम पंचायत ने खरीदा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अपने घर की ही फर्म से सामान खरीद कर सरपंच के परिवार ने मुनाफा कमाया है। यह कानून के अनुसार अपराध की श्रेणी में आता है और यह हरियाणा पंचायती राज अधिनियम का भी उल्लंघन है। वहीं इन ग्रामीणों ने पंचायती खाते में से वित्तीय लेनदेन वाले दस्तावेजों पर भी सरपंच प्रतिनिधि जसविंदर सिंह द्वारा सरपंच के नाम की मोहर लगाकर खुद हस्ताक्षर करने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने गांव भिरड़ाना की सरपंच को बर्खास्त कर पंचायती कामकाज करने की शक्तियां वापस लेने के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करने की मांग की है। उपायुक्त राहुल नरवाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच गंभीरता से करवाई जाएगी। इसके बाद डीसी ने एसडीएम को एक सप्ताह में जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
सरपंच प्रतिनिधि बोले, कुछ लोग राजनीति कर रहे
गांव भिरड़ाना के सरपंच प्रतिनिधि जसविंदर सिंह का कहना है कि हमारी फर्म छह-सात साल पुरानी है। सिर्फ लोहे का सामान ही हमारी फर्म से पंचायत को गया है। काफी सरपंच इसी तरह सामान खरीद रहे हैं। सरपंच के खुद के नाम से फर्म नहीं होनी चाहिए। हर चीज का सरकारी रेट निर्धारित है। इसी तय रेट से सामान दिया गया है। कुछ लोग राजनीति करके बिना बात ही विवाद कर रहे हैं। हम गांव में अच्छे काम करवाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।