फतेहाबाद। लघु सचिवालय के फेज नंबर-दो तथा डीसी व अन्य अधिकारियों के निवास स्थान के सामने एक पार्क है। वर्ष 2016 में इस पार्क को कन्हैया पिजेंट्स का नाम दिया गया था, लेकिन आज यह पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कारण यह है कि इस पार्क की कोई देखरेख नहीं कर रहा। नगर परिषद जहां इस पर लोक निर्माण विभाग का हक जता रही है, वहीं लोक निर्माण विभाग इसे नगर परिषद के अंडर बता रहा है। अब इस पार्क के हालात काफी खराब हो गए हैं। पार्क में घूमने के लिए बनाया गया ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है, जगह-जगह से यह टूट चुका है।
डीसी निवास से चंद कदमों की दूरी पर स्थित कन्हैया पिजेंट्स पार्क अपनी बदहाली के हालात से जूझ रहा है। बदहाली इतनी कि इस पार्क में अब जाने से भी डर लगता है। पार्क में न तो सफाई हो रही है और न ही इस पार्क में घास की कटाई छंटाई। अब तो इसके मुख्य प्रवेश द्वार पर अधिकारियों की गाड़ियां लगी हुई हैं। यह पार्क कम जंगल अधिक लगता है। इसके पास ही सभी अधिकारियों व ज्यूडिशियल भवन भी हैं। पार्क का नाम तो कन्हैया दे दिया गया, लेकिन इसकी सही तरीके से देखभाल न होने के कारण अब यह पार्क लगता है कि शहर की लाइफ लाइन का हिस्सा ही नहीं रह गया है। इस पार्क से पहले ही आंबेडकर पार्क है, जिसका अच्छा रखरखाव होता है, लेकिन लघु सचिवालय फेज-2 के सामने स्थित इस पार्क का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
रखरखाव के अभाव में जंगल में तब्दील हो गया है पार्क
पार्क में साफ सफाई न होने से यहां बड़ी-बड़ी घास व आंक के पौधे उग आए हैं। वहीं पार्क में बच्चों के झूलने के लिए लगाए गए झूले के आसपास बड़ी-बड़ी कंटीली झाड़ियां उग आई हैं। पार्क में रखे बेंच व शेड का बुरा हाल है। सैर करने के लिए बनाए गए ट्रैक पर तो जंगली पौधों का जाल बिछ गया है। वहीं पार्क में साफ सफाई के अभाव में सूखे पते जगह-जगह बिखरे हुए हैं। पार्क में पेड़ पौधों की कटाई छंटाई न होने के कारण पार्क जंगल ज्यादा और पार्क कम नजर आ रहा है। पार्क में लगी घास का आकार इतना बढ़ चुका है कि इस घास में कोई जहरीला कीट या सांप आसानी से अपना निवास स्थान बना सकते हैं। हालांकि पार्क तो बना दिया गया, लेकिन इसका रखरखाव किसके पास है, इसका कोई पता नहीं चल रहा है।
कोट
हमारे पास जितने भी पार्क रखरखाव के लिए हैं, उनकी लिस्ट हमारे पास है। इस पार्क का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने किया था और रखरखाव का जिम्मा हमारे पास नहीं है। इस पार्क को देखरेख का जिम्मा किसके पास है, इसकी जांच की जाएगी।
-ऋषिकेश कुमार, ईओ नगर परिषद
कोट
लोक निर्माण विभाग का काम इमारतें व सड़कें बनाने का है। जिस पार्क की बात की जा रही है, उसका जिम्मा नगर परिषद का होता है, हमारे विभाग का नहीं।
-जोगेंद्र कुमार, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, फतेहाबाद
कोट
पार्क का मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही पार्क का रिवोनेशन करवाया जाएगा। इस पार्क के बारे में जानकारी ली जा रही है, यह किसके अंडर में आता है।
-मनदीप कौर, डीसी फतेहाबाद।