फतेहाबाद। आज फतेहाबाद जिला 25 साल का हो गया है। इन 25 सालों में फतेेहाबाद को सुविधाओं के नाम पर बहुत कुछ मिला है। मगर अभी भी बहुत कुछ मिलना बाकी है। इंडस्ट्री के अभाव में स्थायी रोजगार को तरसते जिले को पर्यटन केंद्र के बढ़ावे का बेसब्री से इंतजार है। वहीं फतेहाबाद को ऐतिहासिक स्थलों और वन्य प्राणियों का गढ़ भी कहा जाता है। मगर पर्यटन के नक्शे पर ऐतिहासिक स्थल कब चमकेंगे इसका इंतजार है।
गौरतलब है कि फतेहाबाद को तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. बंसीलाल ने 15 जुलाई 1997 को जिले का दर्जा दिया था। इस दौरान फतेहाबाद मुख्यालय को कई सुविधाएं तो जिलास्तर पर मिली हैं, लेकिन कई सुविधाओं की आज भी कमी है। जिले में जहां तीन पुरातात्विक साइट हैं, वहीं बिश्नोई बाहुल्य गांवों में दुर्लभ प्रजाति के काले हिरणों, पुराने कछुए व मोरों की पीहूं सुनाई देती है। अगर इन स्थानों को पर्यटन स्थल में तब्दील कर दिया जाए तो जहां ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं शहर के लोगों को पिकनिक आदि मनाने के लिए हिसार या सिरसा का रुख नहीं करना पड़ेगा। संवाद
वन्य प्राणियों का गढ़ है फतेहाबाद
हालांकि जिला ऐतिहासिक स्थलों व वन्य प्राणियों से भरा हुआ है, जिनको पर्यटन स्थल में बदला जा सकता है, लेकिन इन स्थलों को पर्यटन क्षेत्र बनाने की दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। फतेहाबाद शहर के साथ ही सटे गांव धांगड़, बड़ोपल व काजलहेड़ी का क्षेत्र दुर्लभ काले हिरणों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां पर काले हिरण व नीलगाय की भरमार है। गांव के लोग इन वन्य प्राणियों की देखभाल करते हैं और इनको शिकार से बचाते हैं।
250 साल उम्र तक के कछुए हैं काजलहेड़ी में
काजलहेड़ी के तालाब में दुर्लभ प्रजाति के कछुए हैं, जिनकी ग्रामीण विशेष रुप से देेखभाल करते हैं। यहां पर 200 से 250 साल के दुर्लभ कछुए मिलते हैं। बच्चों व युवाओं के लिए यह जगह मनोरंजन के लिए काफी अच्छी हैं और बच्चों को इससे वन्य प्राणियों के बारे में अच्छी जानकारी भी मिल सकती है।
हाकड़ा-हड़प्पा संस्कृति के मिले हैं अवशेष
इसके अलावा पौराणिक रुप से भी फतेहाबाद कम नहीं है। फतेहाबाद के बनावाली, भिरडाना व कुनाल में हाकड़ा व हड़प्पा सभ्यता के अवशेष मिल चुके हैं। अगर यहां पर कोई म्यूजियम खोला जाए, तो पर्यटन के रूप में यह क्षेत्र भी विकसित हो सकते हैं। फतेहाबाद की ऐतिहासिक चिल्ली झील को पर्यटन स्थल बनाने की बात पिछले 15 सालों से चल रही है। इसको पर्यटन स्थल में विकसित करने के लिए ग्रांट भी आ चुकी हैं, लेकिन फिर भी अभी तक चिल्ली झील पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित नहीं हो पाई है।
ये मिला फतेहाबाद को
वहीं फतेहाबाद जिला बनने के बाद जहां नया बस स्टैंड बनकर तैयार है, वहीं हुडा सेक्टर में 200 बेड का अस्पताल निर्माणाधीन है, पानी निकासी के लिए चिल्ली झील पर डिस्पोजल पंप लगाया गया है, वहीं साइबर थाना, मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिली है। हालांकि नए बस स्टैंड के उद्घाटन का इंतजार लंबे अरसे से चल रहा है। वहीं शहर की सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग भी काफी पुरानी है।
कोट
गांव बड़ोपल व काजलहेड़ी के बीच काजलहेड़ी से फतेहाबाद ब्रांच नहर निकलती है। यह बड़ोपल व धांगड़ के बीच के रिजर्व एरिया में आती है, जहां काले हिरणों को संरक्षित किया जाता है। वहीं काजलहेड़ी का कछुओं से भरा तालाब भी यहां से एक किलोमीटर दूर है। मैंने सरकार को काजलहेड़ी नहर हैड पर पिकनिक स्पॉट बनाने का प्रस्ताव भेजा था। ताकि लोग यहां आकर सुकून से ठंडी हवा का मजा ले सकें और साथ ही जंगल सफारी करके जीव जंतुुुओं को भी देख सकें। अब देखते हैं कि सरकार उनके प्रपोजल पर क्या काम करती है।
- विनोद कड़वासरा, जिला अध्यक्ष, पीपुल्स फॉर इंडिया।
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जिला गठन के इन 25 वर्षों के सफर में बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। जिला ने अनेक मामलों में अपना परचम लहराया है। फतेहाबाद में पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए काम जारी है। चिल्ली झील की खुदाई का काम चल रहा है और जिले में अन्य वह स्थान जहां पर पर्यटन स्थल विकसित किए जा सकते हैं, उनको पर्यटन स्थल बनाने के लिए सरकार के पास प्रपोजल भेजा जाएगा।
-प्रदीप कुमार, उपायुक्त, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद जिलावासियों के लिए हर्ष का विषय है कि जिला 25 वर्ष का हो गया है। जिले में इन सालों में आधारभूत ढांचागत विकास हुआ है। जिले को केंद्र व राज्य सरकार ने बड़ी विकास परियोजनाएं दी है, जिसका विकास में बड़ा योगदान है। वासियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार द्वारा अथक प्रयास किए गए हैं। नागरिकों के उत्थान के लिए नई-नई योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है।
-सुनीता दुग्गल, सांसद लोकसभा
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जिला के स्थापना दिवस पर सभी जिलावासियों को जिला की वर्षगांठ की बधाई व शुभकामनाएं। हम सब के लिए यह खुशी का विषय है कि जिला के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 15 जुलाई, 1997 को फतेहाबाद जिला के रूप में अस्तित्व में आया था। जिला ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ विकासात्मक आधारभूत ढांचा में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है, जो हमारे लिए गर्व की बात है।
-देवेंद्र सिंह बबली, विकास एवं पंचायत मंत्री
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फतेहाबाद जिला अपना स्थापना दिवस मना रहा है और निरंतर विकासात्मक बदलाव जिले के लोगों के सामने है। इन 25 वर्षों में फतेहाबाद को विकास की अनेक परियोजनाएं मिली हैं। फतेहाबाद में मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज बनने से जिला का नाम देश के मानचित्र पर सुनहरे अक्षरों में छाएगा।
-दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद
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25 सालों में जिला ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक व धार्मिक परिवर्तन देखे हैं। जिला बनने के बाद फतेहाबाद ने तेज गति से विकास को छुआ है। जिला को अनेक बड़ी परियोजनाएं मिली है, जो फतेहाबाद के विकास की साक्षी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला का अभूतपूर्व विकास हुआ है।
-लक्ष्मण नापा, विधायक, रतिया