फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में टीबी के एमडीआर यानि मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड बनाया जाएगा। इस वार्ड में एमडीआर मरीजों के लिए दो बेड रिजर्व होंगे। यहां पर मरीजों का टीबी रोग विशेषज्ञ की निगरानी में उपचार होगा। पिछले दिनों स्टेट टीबी टीम द्वारा किए गए राज्य आंतरिक मूल्यांकन के बाद डीजी को रिपोर्ट दी गई थी। इस रिपोर्ट के बाद ये स्पेशल वार्ड बनाने का फैसला लिया गया है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने वार्ड बनाने को लेकर निर्देश दिए थे। फिलहाल जिला अस्पताल में टीबी एमडीआर मरीजों के लिए अस्थायी रूप से ही वार्ड बनाया जाएगा। अधिकारी खुद मान रहे हैं कि भवन पुराना होने के कारण सभी नियम पूरे नहीं हो पाएंगे। नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में सामान्य टीबी और एमडीआर मरीजों के उपचार को लेकर नियमों के मुताबिक वार्ड बनेगा। जिले में इस साल 40 से 45 टीबी एमडीआर मरीज मिल चुके हैं। संवाद
एमडीआर श्रेणी में आती है बिगड़ी टीबी
चिकित्सकों के मुताबिक बिगड़ी टीबी एमडीआर की श्रेणी में आती है। टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा प्राइमरी टीबी में दी गई दो दवाइयां जो कि मुख्य हैं काम करना बंद कर देती हैं। इसके बाद मरीज को एमडीआर श्रेणी में शामिल किया जाता है और उसका उपचार शुरू होता है। इन मरीजों का उपचार भी लंबे समय तक चलता है।
टीबी मरीजों की जिले में ये रही है पिछले वर्ष स्थिति
जिले में टीबी को लेकर हुई जांच : 17084
जांच में टीबी पॉजिटिव मिले : 2083
जिले में टीबी मरीजों का शुरू हुआ उपचार : 2438
पुरुष मिले पॉजिटिव : 1275
महिलाएं मिली पॉजिटिव : 808
0 से 14 साल के बच्चे मिले पॉजिटिव : 60
ये हैं टीबी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना, संक्रमण बढऩे के साथ बढ़ना, थकावट होना, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत होना।
कोट
स्वास्थ्य महानिदेशक की तरफ से एमडीआर वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए थे। एमडीआर मरीजों को वार्ड में बेहतर उपचार मिल सकेगा। इस सप्ताह उम्मीद है वार्ड शुरू हो जाएगा।
-डॉ. मनीष टुटेजा, टीबी रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।