समाज कल्याण विभाग में पेंशन बनवाने आए लोगों का फाइल फोटो।
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फतेहाबाद। पेंशन बनवाने के लिए अब अधिक कागजातों की आवश्यकता नहीं है। एक तो परिवार पहचान पत्र से जुड़ने के बाद अपने आप की बुजुर्गों की पेंशन बन जाती है और इसका डाटा समाज कल्याण विभाग के पास पहुंच जाता है, लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए जो जरूरी कागजात हैं, वह नहीं दिए जा रहे। जिससे समाज कल्याण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी परेशान हैं। लोग जरूरी कागजातों की बजाए डोमिसाइल व अन्य कागजात लेकर आते हैं, जो पेंशन के लिए मान्य नहीं है। इसके लिए मात्र वोटर कार्ड, राशन कार्ड या वोटर स्लिप होना ही जरूरी है। बस पेंशनधारक 15 साल से इलाके का निवासी हो।
हरियाणा सरकार ने जब से परिवार पहचान पत्र स्कीम निकाली है, तब से लोगों को इसका लाभ भी मिल रहा है और फर्जी तरीके से पेंशन ले रहे अथवा अन्य सरकारी लाभ ले रहे लोगों का भी खुलासा हो रहा है। इस स्कीम का सही लाभ मिला है तो बुजुर्गों को। परिवार पहचान पत्र से जुड़ने के बाद से अब जिन लोगों की उम्र 60 साल से अधिक हो गई है, उनकी पेंशन पोर्टल के आधार पर अपने आप बननी आरंभ हो गई है। इसके लिए संबंधित कर्मचारी केवल उनके घर जाकर जांच करते हैं और इसके बाद इसकी रिपोर्ट एडीसी ऑफिस में चली जाती है। वहां से वेरिफिकेशन की लिस्ट जिला समाज कल्याण विभाग के पास पहुंच जाती है। इसके बाद पेंशन के लिए कागजात जांच किए जाते हैं, लेकिन लोग मूल कागजातों को लाने की बजाए, अन्य कागजात ले आते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि पेंशन के लिए वोटर कार्ड, राशन कार्ड या वोटर स्लिप ही काफी है, लेकिन लोग डोमिसाइल व अन्य कागजात ले आते हैं, जो पेंशन के लिए मान्य नहीं है। जिससे उनका काम नहीं हो पाता है। इसलिए लोग वोटर कार्ड, राशन कार्ड या वोटर स्लिप लेकर आ जाएं तो भी उनको लाभ मिलना आरंभ हो जाएगा।