फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल की आईसीूय में लगा वेंटिलेटर
फतेहाबाद। कोरोना महामारी के दौरान वेंटिलेटर मिलने के बाद उम्मीद थी कि गंभीर मरीजों को अब अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर नहीं करना पड़ेगा। मगर उम्मीदें धरी की धरी रह गईं और मरीज रेफर हो रहे हैं। हालात ये है कि दो साल में सिर्फ एक मरीज को ही वेंटिलेटर का फायदा मिल सका। आईसीयू भी अब सिर्फ यहां डिलिवरी के बाद प्रसूता के काम आ रही है।
नागरिक अस्पताल की आईसीयू में वेंटिलेटर जरूर पहुंच गए लेकिन कर्मचारियों की कमी से ये शुरू नहीं हो सके। वेंटिलेटर को चलाने के लिए आईसीयू में प्रत्येक शिफ्ट में एक डॉक्टर व एक अतिरिक्त की जरूरत है। यानि रोजाना चार डॉक्टर आईसीयू के लिए चाहिए। इसके अलावा निगरानी के लिए दक्ष कर्मचारी की भी जरूरत है जो कि नागरिक अस्पताल में नहीं है। इसके चलते नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर होने के बाद भी मरीजों को फायदा नहीं मिल रहा है। अधिकारियों की माने तो कोरोना महामारी के बाद वेंटिलेटर पर एक ही मरीज को लिया गया है।
अस्पताल को मिले हैं 22 वेंटिलेटर
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल को 22 वेंटिलेटर मिले थे। हालांकि आईसीयू 8 बेड की है लेकिन यहां पर वेंटिलेटर 22 उपलब्ध है। यानि की वेंटिलेटर सरप्लस हैं।
कोट
आईसीयू में वेंटिलेटर हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी है। इमरजेंसी वार्ड में भी डॉक्टर की कमी के कारण दिक्कत आती है और व्यवस्था करनी पड़ती है। आईसीयू के लिए अलग से डॉक्टर की टीम और स्टाफ चाहिए। मुख्यालय को इस संबंध में डिमांड भेज रखी है।
- डॉ. सुभाष, एसएमओ, नागरिक अस्पताल