फतेहाबाद। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह की अदालत ने गलत शपथ पत्र देकर दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों की जमानत लेने के मामले में दोषी को 2 साल की कैद व 2500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस ने गांव हिजरावां कलां निवासी मलूक सिंह के खिलाफ न्यायाधीश जतिन गर्ग की अदालत के आदेशों पर 7 अगस्त 2018 को धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। मामले के अनुसार मलूक सिंह ने भूना थाना के अंतर्गत दर्ज हुए चोरी के केस में एक आरोपी की जमानत ले ली। इसके बाद उसने एनडीपीएस एक्ट के केस में भी एक आरोपी की जमानत ली। दूसरे मामले में जमानत के लिए जब मलूक सिंह ने अपना शपथ पत्र दायर किया था, तो उसने यह लिखा था कि उसने पहले किसी की जमानत नहीं ली है। जब जांच की गई तो पता चला कि मलूक सिंह पहले भी चोरी के मामले में जमानत ले चुका है और उसने अदालत को गुमराह किया है। इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह की अदालत ने मलूक सिंह को दोषी मानते हुए उसे दो साल की कैद व 2500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद