फतेहाबाद। जिला मुख्यालय पर विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी के नए भवन का प्रोजेक्ट दो सरकारें भी पूरा नहीं करवा पाई। विशेष बात यह है कि जिला पुस्तकालय का प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल है। मगर बार-बार प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में दिक्कत आ रही है। अभी तक जिला पुस्तकालय को कोई स्थायी जगह नहीं मिल पाई है।
वर्तमान में जिला पुस्तकालय बीडीपीओ कार्यालय में उधारी की जगह पर चल रहा है। जिला पुस्तकालय के भवन के लिए मिली 2 कनाल 13 मरले जगह वापस लेने के निर्देश के बाद पुराना बस स्टैंड पर भी जगह अलॉट नहीं हो पाई है। नया बस स्टैंड शिफ्ट होने के बाद पुराना बस स्टैंड खाली भवन खाली पड़ा है। इसके चलते बीडीपीओ कार्यालय की नाममात्र जगह पर ही जिला पुस्तकालय चल रहा है। जहां पर रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए आ रहे हैं। बीडीपीओ कार्यालय से भी शिफ्ट करने की तैयारी को लेकर विवाद हुआ था। लेकिन सामाजिक संस्थाओं के हस्तक्षेप के बाद इस फैसले को प्रशासन को वापस लेना पड़ा था।
जिला पुस्तकालय के लिए अलॉट हुई थी जगह
जिला पुस्तकालय के स्थायी भवन को लेकर सरकार ने 2 कनाल 13 मरले जगह अलॉट की थी। लेकिन नाम न होने के चलते भवन निर्माण नहीं हुआ। साल 2024 में जिला पुस्तकालय की जगह शिक्षा विभाग के नाम हुई थी। लेकिन इसी बीच जून माह में प्रशासन की तरफ से निर्देश जारी कर दिए गए गए थे कि 2 कनाल 13 मरले पर भवन का निर्माण न किया जाए। पुस्तकालय के लिए जगह पुराना बस स्टैंड पर जगह अलॉट करने पर विचार किया जा रहा है।
जगह न होने से नहीं रखी जा रही किताबें
जिला पुस्तकालय के लिए जगह कम होने के चलते विद्यार्थियों को पढ़ने की दिक्कत होती है। इसके अलावा विभाग की तरफ से मिली किताबें भी नहीं रखी जा रही हैं। पहले पुस्तकालय पुराना कोर्ट परिसर में चल रहा था लेकिन यहां से फिर बीडीपीओ कार्यालय में शिफ्ट कर दिया गया था। लेकिन यहां से भी इसे स्थानांतरण करने का प्रयास हो चुका है।
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जिला पुस्तकालय का नया भवन बनाने की काफी पुरानी मांग है, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। सभी पार्टियां अच्छी शिक्षा देने की बात करते हैं। लेकिन प्रदेश में दो सरकारें बदल गई, लेकिन विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय नहीं बना है।
- चिराग कुमार, छात्र।
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जिला पुस्तकालय का भवन काफी छोटा है, गर्मी के मौसम में काफी दिक्कत होती है। बीडीपीओ कार्यालय में जो पुस्तकालय बना हुआ वहां लोहे का शेड लगा हुआ है। गर्मी के मौसम में वहां बैठना मुश्किल हो जाता है।
- संजय, छात्र।
वर्तमान समय में जहां पुस्तकालय चल रहा है। वो जगह जर्जर घोषित हो चुकी है। वहीं जो नया भवन बनना है, उसे शहर के बीच में बनाया जाए। ताकि बच्चों को पुस्तकालय तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो।
- कुलदीप, छात्र।