फतेहाबाद। लेबर एंड कंस्ट्रक्शन फेडरेशन के अग्रवाल कॉलोनी स्थित कार्यालय के व्हाइट वॉश और रिपेयरिंग के फर्जी बिल पास करवाने के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह की अदालत ने द फतेहाबाद डिस्ट्रक्टि कॉ-ऑपरेटिव लेबर एंड कंस्ट्रक्शन फेडरेशन के तत्कालीन मैनेजर व दो डायरेक्टर को धोखाधड़ी के आरोप में दोषी ठहराया है। तीनों को 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
मामले के अनुसार मैनेजर गांव भूथन कलां निवासी ओमप्रकाश, डायरेक्टर प्रदीप कुमार व सुरेश कुमार ने कमेटी बनाकर कार्यालय में रिपेयरिंग व व्हाइट वॉश करवाने के बिल पास करवाए थे। बिलों के अनुसार 21 फरवरी 2015 को रंग का सामान खरीदा गया और 22 फरवरी को क्रशर, रेता व सीमेंट खरीदे गए। इसी सोसायटी के डायरेक्टर राजबीर बैनीवाल ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज को कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत देकर कहा कि पेंट के लिए 4860 रुपये और रंग-रोगन के लिए सात हजार लेबर के फर्जी बिल बने हैं। सोसायटी के कार्यालय में न रिपयेरिंग हुई और न ही रंग-रोगन हुआ। राजबीर का आरोप था कि सारी पेमेंट पेंटर रमेश कुमार की दिखाई गई जबकि रिपयेरिंग का काम राजमिस्त्री द्वारा करना बताया गया। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा। अदालत ने लेबर इंस्पेक्टर से जांच करवाकर व्हाइट वॉश के बिल पास करवाने वाले मैनेजर व दोनों डायरेक्टरों को आईपीसी की धारा 420 में दोषी ठहराते हुए 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।