फतेहाबाद। शारदीय नवरात्र तीन अक्तूबर से आरंभ हो रहे हैं। ऐसे में माता के भक्तों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग ने भी अपनी त्योहारी सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार नवरात्र पर घट स्थापना के समय पूरे दिन हस्त नक्षत्र में शुभ संयोग रहेगा। वहीं, तृतीया तिथि की वृद्धि से नवरात्र दस दिन के होंगे।
शहर के दुर्गा मंदिर, देवी मंदिर, श्याम मंदिर, अमर ज्योति मंदिर सहित सभी मंदिरों में नवरात्र मनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। नवरात्र के दिन लोग मंदिरों में जाकर जहां माता की पूजा अर्चना करते हैं वहीं महिलाएं सामूहिक रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करती हैं। नवरात्रि पर्व के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही बाजारों में रौनक देखने को मिलेगी। पंडित महेंद्र प्रसाद ने बताया कि हर बार नवरात्र स्थापना पर चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहता है, जो कि घट स्थापना में टाला जाता है। इस बार कन्या राशि में चतुर्ग्रही योग बनेगा। इसमें बुध, सूर्य, केतु विराजमान रहेंगे। पूरे और चंद्रमा दिन हस्त नक्षत्र में शुभ संयोग रहेगा।
इसके अलावा कन्या राशि में सूर्य बुध से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। साथ ही शुक्र और राहु ग्रह के बीच षडाष्टक योग भी बनेगा। उन्होंने बताया कि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से हर वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत होती है। इस बार आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तीन अक्तूबर वीरवार को है, इस दिन हस्त नक्षत्र में नवरात्र शुरू होंगे। कन्या राशि का चंद्रमा रहेगा, वह भी शुभदायक है। नवरात्र पूरे दस दिनों के होंगे। 12 अक्तूबर को महानवमी के साथ नवरात्र पूर्ण होंगे, इसी दिन दशहरा भी मनाया जाएगा।
शुभ समृद्धि का प्रतीक
दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित महेंद्र प्रसाद ने बताया कि शारदीय नवरात्र में इस बार तृतीया तिथि की वृद्धि हुई हैं। तृतीया तिथि शनिवार और रविवार दो दिन रहेगी। इससे नवरात्र 10 दिन के हो गए हैं, लेकिन महानवमी शनिवार 12 अक्तूबर को सुबह 11 बजे तक रहेगी। उसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। शाम को प्रदोष वेला में दशमी होने से दशहरा 12 अक्तूबर शनिवार को ही मनाया जाएगा।
घट स्थापना का मुहूर्त
पहला मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से लेकर 12 बजकर 40 मिनट तक है।