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Fatehabad News: पराली की गांठों के लिए नहीं कोई डंपिंग प्वाइंट, नहीं मिल रहे खरीदार

Sun, 22 Oct 2023 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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जाखल। पिछले कई वर्षों से सरकार द्वारा पराली प्रबंधन को लेकर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद धरातल पर व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। जमीनी स्तर पर पराली प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे बेलर संचालकों को गांठें डालने के लिए डंपिंग प्वाइंट नहीं मिल रहे हैं। न ही गांठों के पर्याप्त मात्रा में खरीदार मिल रहे हैं। इस कारण बेलर संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। बेलर संचालकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांठें बनानी बंद कर देंगे।
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बेलर संचालक आत्मा सिंह तलवाड़ा, हरमन साधनवास व अन्य ने बताया कि न तो सरकार और न ही प्रशासन द्वारा फतेहाबाद जिले में पराली की गांठों के लिए कोई डंपिंग प्वाइंट उपलब्ध करवाया गया है। न ही बनाई गई गांठों की खरीद हो रही है। इस कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले साल की अपेक्षा प्रति क्विंटल दाम बढ़े, लेकिन खरीदार नहीं
इन बेलर संचालकों ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार पराली के रेट में 60 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। पिछली बार गांठें खरीदने के लिए कई खरीदार थे, लेकिन इस बार बेलर संचालकों को कोई खरीदार ही नहीं मिल रहे हैं। जाखल व कुलां क्षेत्र में 9 बेलर संचालक पराली प्रबंधन कर रहे हैं। आत्मा सिंह तलवाड़ा ने बताया कि साधनवास में एक, तलवाड़ा में तीन, चांदपुरा में दो, गुल्लरवाला में एक व कुलां में दो बेलर हैं, जो पराली प्रबंधन में सक्रिय हैं।
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भिवानी जाकर बेचनी पड़ रही गांठें
बेलर संचालक बताते हैं कि जिले में खरीदार नहीं होने के कारण उन्हें भिवानी में गांठें बेचनी पड़ रही हैं। मगर रास्ते में पुलिस व आरटीए प्रशासन द्वारा उनकी ट्रालियों को रोका जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर खेतों में पराली की गांठें नहीं बनाएंगे।

:: पराली प्रबंधन बेहतर तरीके से करवाने के लिए प्रशासन लगा हुआ है। किसी भी किसान को पराली न जलानी पड़े, इसके लिए टोहाना के एसडीएम सहित अन्य उच्चाधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। बेलर संचालकों की समस्याओं का निवारण जल्द करवाया जाएगा।
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-अजय ढिल्लो, विषय विशेषज्ञ, कृषि विभाग
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