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Fatehabad News: जल निकासी का प्रबंध नहीं, नेताओं के वादे अधूरे

Mon, 09 Sep 2024 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके बालूराम का गांव भोड़ियाखेड़ा रतिया विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। यहां जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां की समस्याएं न सुलझने के कारण लोग परेशान हैं। नेताओं के वादे अधूरे हैं।
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नगर से करीब चार किमी दूर गांव भोड़ियाखेड़ा जिला मुख्यालय से सटा है। सिंचाई विभाग के एसआई कार्यालय समेत यहां उच्च शिक्षण संस्थान भी स्थित हैं। इस कारण गांव में बुनियादी सुविधाएं पिछले कुछ साल में बढ़ी हैं लेकिन वहां जलभराव की समस्या बनी हुई है। पूर्व गृहमंत्री स्व. मनीराम गोदारा के नाम पर गांव में राजकीय महिला महाविद्यालय बनने से छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा पाना आसान हुआ। इस गांव में जिला मुख्यालय का एकमात्र खेल स्टेडियम और राजकीय औद्योगिक संस्थान भी बना है। संवाद

नहीं होती नालियों की सफाई :
गांव में नालियों की सफाई रोजाना नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों से गांव में पीने के पानी और जल निकासी की मांग की जाएगी। बुजुर्ग ग्रामीण बताते हैं कि देश की आजादी के बाद वर्ष 1952 में पहली बार विधानसभा चुनाव घोषित हुए लेकिन उस चुनाव को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद वर्ष 1953 में हुए चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी से इसी गांव के बालूराम विधायक चुने गए थे।
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गांव में 6,000 से ज्यादा मतदाता, आबादी 12,000 से अधिक
गांव भोड़ियाखेड़ा की 12,000 से अधिक आबादी है जबकि मतदाताओं की संख्या करीब 6,000 है। इस बार गांव में ग्रामीणों की आपसी सहमति से सरपंच चुना गया है। ग्रामीण राम सिंह, लालचंद, गोविंद, विक्रम सिंह और राजबीर बताते हैं कि गांव में मतदान भाईचारे के साथ शांतिपूर्वक होता है। गांव में अभी विधानसभा चुनाव की हलचल नहीं है। मतदान के दिन प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा रहती है।
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ये घोषणाएं रुकीं
ग्रामीणों ने बताया कि विधायक लक्ष्मण नापा ने गांव में जिम बनाने की घोषणा की थी लेकिन वह नहीं बन सका। खेल स्टेडियम में सिथेंटिक ट्रैक बनाने की घोषणा की थी, लेकिन ट्रैक का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। गांव के स्टेडियम के रास्ते में काफी अंधेरा रहता है। वहां स्ट्रीट लाइट के लिए बोला था, लेकिन वह काम भी नहीं हुआ।
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गांव में बने जोहड़ का पानी खराब
- ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल निकासी का स्थायी समाधान न होने के कारण पानी को जोहड़ में डाला जाता है। इस कारण जोहड़ का पानी पशुओं के पीने लायक नहीं रहा। इस कारण ग्रामीण पशुओं को नहर पर ले जाते हैं या घर पर ही उनके लिए प्रबंध करना पड़ता है।

हमारे गांव भोड़ियाखेड़ा में करीब 70 फीसदी लोग मतदान करते हैं। जब भी कोई उम्मीदवार मतों की अपील करने आता है तो अतिथियों की तरह उसका स्वागत और आदर किया जाता है। जो ज्यादा मिलनसार होगा, ऐसे उम्मीदवार को विधायक बनाना चाहिए।
- धर्म सिंह।
गांव में पिछले दो दशक से जागरूकता आई है। गांव में आपसी भाईचारे के बीच चुनाव होता है। विधानसभा चुनाव को लेकर अभी कोई जोर नहीं है। उम्मीदवारों की ओर से गांव में आने के बाद माहौल बदलेगा। आगामी दिनों में चुनाव के जोर पकड़ने की उम्मीद है।
- अमर सिंह।
हमारे गांव में कोई भी उम्मीदवार मतदान की अपील करने नहीं पहुंचा है। गांव में सभी मतदाता बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से मतदान करते हैं। ग्रामीण किसी भी लालच में आकर अपना वोट नहीं डालते। अगर कोई उम्मीदवार पसंद नहीं आएगा तो नोटा का बटन दबा देंगे।
- नाधुराम।

गांव के हर चौक, चौराहे पर लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ चर्चाएं हो रहीं हैं। पहले रह चुके विधायकों के विकास कार्यों की भी समीक्षा हो रही है। गांव में सभी पार्टियों के समर्थक और कार्यकर्ता हैं लेकिन चुनाव के लिए ग्रामीण में कोई भी मनभेद या चुनावी रंजिश नहीं है।
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- राजबीर।
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