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स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट में गड़बड़झाले की आशंका

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फतेहाबाद के खेल स्टेडियम में अभ्यास करते खिलाड़ी। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। खेल विभाग की ओर से खिलाड़ियों को जारी किए गए स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट अब जांच के दायरे में आ गए हैं। गड़बड़ झाले की आशंका के चलते पंचकूला विजिलेंस ने इन सर्टिफिकेट्स की जांच शुरू कर दी है। जिले के 500 ऐसे सर्टिफिकेट हैं, जो विजिलेंस की जांच के दायरे में आ गए हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ सर्टिफिकेट फर्जी भी बने हुए हैं। हालांकि, यह खुलासा जांच के बाद ही होगा, कि किस-किस के सर्टिफिकेट फर्जी बनाए गए हैं।
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दरअसल, खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने व मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को खेल विभाग की ओर से ग्रेडेशन के आधार पर सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। यह सर्टिफिकेट खिलाड़ियों के लिए काफी काम आते हैं। इन सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए उनको अलग से कोटा भी मिलता है। यही कारण है कि विभिन्न खेलों में खेलने वाले खिलाड़ी अगर राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल लेकर आते हैं तो उनको स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। यह ग्रेडेशन खेल प्रतियोगिताओं के हिसाब से दी जाती हैं। जिले में फिलहाल 500 नए व पुराने खिलाड़ियों को यह सर्टिफिकेट जारी किए जा चुुके हैं, लेकिन हाल ही में हुई ग्रुप डी की भर्ती में कुछ सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए थे, जिसके चलते अब यह सर्टिफिकेट सरकार की नजर में आ गए और अब इनकी जांच शुरू कर दी गई है। संवाद
इन खेलों में मिलती है ग्रेडेशन
हरियाणा सरकार की ओर से 13 कैटेगिरी में मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ियों को ग्रेड के अनुसार सर्टिफिकेट दिया जाता है। ओलंपिक, पैरा ओलंपिक में भाग लेने वाले व वर्ल्ड कप, पैरा वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, पैरा एशियन गेम्स, यूथ ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स एथलेटिक्स, यूथ एशियन गेम्स, वर्ल्ड कप चैंपियनशिप, यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स, स्पेशल ओलंपिक्स, आईएसबीए गेम्स, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स, एशियन कप चैंपियनशिप व कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियनशिप में मेडल प्राप्त खिलाड़ियों को ए ग्रेड का सर्टिफिकेट मिलता है। वहीं, इन प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों तथा एसएफ गेम्स व इंटरनेशन डॉमेस्टिक किक्रेट, ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेकर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बी ग्रेड का सर्टिफिकेट, नेशनल गेम्स, पैरा नेशनल गेम्स व नेशनल चैंपियनशिप तथा पैरा नेशनल चैंपियनशिप में मेडल विजेताओं को सी ग्रेड और नेशनल स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया तथा हरियाणा में स्टेट लेवल पर होने वाली प्रतियोगिताओं में मेडल विजेताओं को डी ग्रेड का सर्टिफिकेट दिया जाता है। इन गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को उनके ग्रेड के अनुसार सरकारी नौकरी में कोटा मिलता है।
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कराटे के 70 फीसदी सर्टिफिकेट पाए गए थे फर्जी
हरियाणा सरकार ने जब ग्रुप डी की भर्ती शुरू की तो उसमें खेल कैटेगिरी के कई पात्रों के सर्टिफिकेट जांचे गए, तो काफी फर्जीवाड़ा मिला। इसके बाद सभी कैटेगिरी के खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट की जांच शुरू की गई। बताया गया है कि फतेहाबाद में कराटे के करीब 70 फीसदी जबकि थ्रो बॉल, कबड्डी व एथलेटिक्स के कई सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए थे। इसके बाद जिले में बने करीब 500 स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट की जांच शुरू करवाई गई है। यह जांच पंचकूला विजिलेंस विंग को सौंपी गई है।
कोट
स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट में कुछ खामियों की बात सामने आई थी। हमने विजिलेंस को सारी सूचना उपलब्ध करवा दी है, मामले की जांच शुरू हुई है। जो ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बने हैं, वह सही है या फर्जी, यह जानकारी जांच के बाद ही पता चलेगी। ग्रेडेशन सर्टिफिकेट देने का अधिकार मंडल स्तर हिसार से होता है।
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-डॉ. सतविंद्र कौर गिल, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद
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