फतेहाबाद। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा सीटू के आह्वान पर फतेहाबाद में आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन की जिला प्रधान सुनीता झलनियां ने की व संचालन माया पीलीमंदौरी द्वारा किया गया। प्रदर्शन के बाद आंगनबाड़ी वर्कर्स ने अतिरिक्त उपायुक्त के मार्फत मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को मांग पत्र भेजा गया।
धरने को संबोधित करते हुए सुनीता झलनिया व माया पूनिया ने कहा कि सरकार ने जो वायदे किए थे, आज तक पूरे नहीं हुए। राज्य में आंगनबाड़ी वर्कर्स/हेल्पर्स द्वारा 2021-22 आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और हड़ताल के दौरान का काटा गया बकाया मानदेय दिया जाए। बाल वाटिका के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्र को उजाड़ना बंद करें। पोषण ट्रैकर एप पर जबरदस्ती काम बंद हो और मोबाइल फोन दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्र का किराया बिना कंडीशन के भुगतान किया जाए। पीएमएमवीवाई के मेहनताने का बकाया, ईंधन की राशि का बकाया, फ्लेक्सी फंड, आंगनबाड़ी केंद्र के कार्य हेतु रजिस्टर व अन्य सामान दिया जाए। खाली पद तुरंत भरे जाएं। वर्कर एवं हेल्पर को कुशल व अकुशल की श्रेणी में रखा जाए, ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए, इपीएफ/ईएसआई की सुविधा प्रदान की जाए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रद्द हो। वर्कर को तीसरे दर्जे का व हेल्पर को चौथे दर्जे का कर्मचारी बनाया जाए। इन मांगों को लेकर यूनियन लगातार आंदोलन में है।
धरने को संबोधित करते हुए सीटू के जिला कोषाध्यक्ष बेगराज ने कहा कि मोदी सरकार ने 1500-750 की घोषणा करने के बाद एक पैसा आज तक नहीं दिया है। इसी तरह हरियाणा सरकार ने भी कुशल और अकुशल की जो कैटेगरी में डालने का फैसला लिया था, वह भी आज तक उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया है। आंगनबाड़ी सेंटरों का किराया भी लगभग डेढ़ साल से बकाया है। पोषण ट्रैकर पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाकर मानसिक तौर पर शोषण हो रहा है। ऐसे में आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने आने वाले दिनों में अपना आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
आज के धरना-प्रदर्शन को सीटू के जिला कोषाध्यक्ष बेगराज, भट्टू ब्लॉक प्रधान माया बेनीवाल, सावित्री, सीता देवी, कृष्णा टोहाना, सुनीला, मंजुला, अनीता, दमयंती, इंदिरा सहित अनेक वर्कर्स एवं हेल्पर्स मौजूद रहीं।