फतेहाबाद। जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाले दिल्ली-डबवाली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जुलाई में लगाए गए पौधे प्रशासन की अनदेखी की भेंट चढ़ गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूना पुल और हांसपुर पूल के बीच पीपल के करीब दो सौ पौधे लगाए गए। इन पौधों की ऊंचाई करीब सात फीट तक रही।
एक पौधे की अनुमानित कीमत करीब दो हजार रुपये रही। ऐसे में लाखों की लागत से लगे यह पीपल के पौधे प्रशासन की अनदेखी के कारण मात्र दो माह में ही नष्ट हो गए हैं। इनमें से कुछ पौधे मुरझाकर नष्ट हो चुके हैं। वहीं, 100 से अधिक पौधे जान बूझकर तोड़े हुए प्रतीत हो रहे हैं। सभी पौधों को जमीन से करीब आधा फीट ऊपर से तोड़ा गया है। मगर अब इन पौधों को लेकर न तो वन विभाग और न ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जिम्मेदारी लेने को तैयार है।
बता दें कि राज्य में सबसे कम वन क्षेत्रफल वाला जिला फतेहाबाद ही है। हर वर्ष जिले में 5 लाख पौधे लगाए जाते हैं ताकि हरियाली को बढ़ाया जा सके और पर्यावरण को स्वच्छ बनाया जा सके। मगर वन विभाग पौधों को लगाने के बाद इन पौधों की सुरक्षा और देखभाल नहीं करता है। इस कारण हर वर्ष लाखों पौधे नष्ट हो जाते हैं। जिले में हर वर्ष करोड़ों की राशि खर्च करने के बाद भी वन क्षेत्र में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। जिले में हर वर्ष 5 लाख पौधे लगाए जाने के बाद भी कुल पेड़ों की संख्या 14 लाख ही है।
दिल्ली-डबवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों को लगाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी का काम वन विभाग का नहीं है। वन विभाग अपने द्वारा लगाए गए पौधों की सुरक्षा कर रहा है। इन पौधों के बारे में जानकारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास है। -राजेश लीलड़, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा दिल्ली-डबवाली राजमार्ग पर पौधे नहीं लगाए गए हैं। इन पौधों से संबंधित जानकारी वन विभाग के पास है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पौधे लगाने की राजमार्ग प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे में इन पौधों के साथ हमारा कोई संबंध नहीं है।
-सुभाष भांभू, इंजीनियर, एनएचएआई़ हिसार।