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Fatehabad News: राहत शिविरों में रुके लोगों की आंखों में दिख रहा तबाही का दर्द

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फतेहाबाद के हांसपुर रोड पर ढा​णियों में बाढ़ आने के बाद लोग सामान लेकर जाते हुए
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फतेहाबाद। बाढ़ की चपेट में आए जिले के जाखल, रतिया और फतेहाबाद क्षेत्र की ढाणियों के लोग रिश्तेदारी और स्कूलों में बनाए गए राहत शिविर में शरण ले रहे हैं। फतेहाबाद के स्कूलों में 150 से ज्यादा लोग जबकि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए गए राहत शिविरों में 300 से ज्यादा रुके हुए हैं। यहां इनके खाने पीने तक की व्यवस्था है फिर आंखों में तबाही का दर्द साफ दिख रहा है।
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फतेहाबाद के मॉडल संस्कृति स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में करीब 40 लोग ठहरे हैं। लोगों को खाने-पीने की तो कोई कमी नहीं है लेकिन उनकी आंखों में तबाही का मंजर बार-बार दर्द दे रहा है। राहत शिविर में रुके फूलवती, मेवादेवी, रामकिशन ने बताया कि वह गांव खानमोहम्मद के पास की ढाणियों में रहते हैं और बुधवार को उनकी ढाणियों में पानी पहुंचना शुरू हो गया। इसके चलते वह स्कूल में आकर रुके हैं। बाढ़ के पानी की वजह से उनके मकान पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं और फसल भी बर्बाद हो गई है। उनकी आंखों के आगे बार-बार तबाही का मंजर नजर आ रहा है।

इन जगहों पर ठहरे हैं बाढ़ पीड़ित
स्कूल ठहरे लोग
जीएमएस मामुपुर 23
जीएसएसएस अयालकी 40
जीपीएस धिड़ 35
जीएमएस बस्ती भलाड़िया 15
जीएसएसएस भिरड़ाना 20
जीएचएस ढाणी ठोबा 7
ढाणी चानचक 5
जीएचएस बोसवाल 9
जीएमएसएसएसएस फतेहाबाद 65
जीपीएस बोसवाल 10
जीएचएस ढाणी ठोबा 7
जीएसएसएस हसंगा 60
जीपीएस रायपुर 10
भारती निकेतन स्कूल रतिया 14
सीनियर मॉडल स्कूल फतेहाबाद 45

गर्भवती को दिया गया अलग कमरा
बाढ़ की चपेट में आए ढाणियों के लोगों में गर्भवती भी शामिल है। मॉडल संस्कृति स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में गर्भवती को अलग से कमरा दिया गया है।
कोट
बाढ़ की चपेट में आई ढाणियों की लोगों के लिए स्कूलों में राहत शिविर बनाए गए हैं। इन राहत शिविरों में करीब 300 लोग ठहरे हैं। लोगों तक प्रशासन द्वारा मदद पहुंचाई जा रही है।
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-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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