फतेहाबाद। साल के अंतिम महीने दिसंबर के 23वें दिन इस सर्द मौसम की सबसे गहरी धुंध छाई। इस दौरान दृश्यता मात्र 10 मीटर रही। इससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति बेहद धीमी हो गई, वहीं रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 8 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। इस कारण ठंड ने कंपकंपी छुड़वा दी। सुबह 11 बजे बाद सूर्यदेव के दर्शन हो पाए।
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दिल्ली से बठिंडा-फिरोजपुर के रास्ते पर चलने वाली छिंदवाड़ा एक्सप्रेस सात घंटे की देरी से जाखल जंक्शन पर पहुंची। इस ट्रेन का सुबह 7 बजे जाखल पहुंचने का समय निर्धारित हैं। मगर शनिवार को यह दोपहर 2 बजे जाखल स्टेशन पर आई। इस कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी और वह स्टेशन पर बैठ कर ही इंतजार करते रहे। धुरी से चलकर सिरसा जाने वाली ट्रेन भट्टू रेलवे स्टेशन पर 40 मिनट की देरी से पहुंची। इसके अलावा गोरखधाम एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से 40 से 45 मिनट देरी से चल रही हैं। बठिंडा से चलकर दिल्ली जाने वाली किसान एक्सप्रेस भी 16 मिनट की देरी से भट्टू स्टेशन पर पहुंची। इसी तरह गंगानगर से दिल्ली जंक्शन को जाने वाली ट्रेन भी 29 मिनट की देरी से आई।
रबी फसलों के लिए फायदेमंद होगी धुंध
कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. भीम सिंह के अनुसार धुंध रबी की सभी फसलों के लिए फायदेमंद है। खासकर गेहूं और सरसों के लिए ठंड अधिक होने से फायदा होगा। गेहूं, चना, जौ और सरसों के उत्पादन में धुंध बढ़ोतरी करेगी। धुंध छाने से फसलों में सिंचाई की पूर्ति होती है।