फतेहाबाद। जिस बेटे को परिवार मृत मान चुका था, उसे दो साल बाद सदगुरु कृपा अपना घर के प्रयासों से अपने बीच पाया। दो साल बाद जींद निवासी इस परिवार में फिर से खुशियां लौटी हैं। इस लड़के को आश्रम की टीम द्वारा उसके परिवार को सौंप दिया गया। इस पर लड़के परिवार वालों ने स्वामी सदानंद जी महाराज व सद्गुरू कृपा अपना घर आश्रम के प्रबंधकों का धन्यवाद किया।
दरअसल, जींद निवासी तेजपाल सिंह पिछले दो सालों से फतेहाबाद के सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में रह रहा था। परिजनों ने बताया कि डिप्रेशन के कारण वह घर से चला गया था और उसके बाद घर नहीं लौटा था। सदगुरु कृपा अपना घर आश्रम के सेवादारों ने बताया कि दो साल पहले पुलिस टीम तेजपाल को आश्रम में छोड़ गई थी। उस समय तेजपाल काफी घबराया हुआ था और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं लग रही थी। इसके बाद आश्रम में सेवादारों द्वारा उसकी देखभाल की गई और उसका उपचार करवाया गया। आश्रम की टीम एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, क्राइम ब्रांच के इंचार्ज एसआई महेंद्र सिंह के साथ मिलकर तेजपाल के परिजनों के बारे में जानकारी जुटा रही थी। दो साल बाद अब तेजपाल की मानसिक स्थिति में सुधार हुआ तो उसने अपने परिजनों के बारे में सेवादारों को बताया। बाद में आश्रम प्रबंधकों ने तेजपाल के परिजनों को सूचना दी। तेजपाल के परिजन उसे लेने के लिए फतेहाबाद स्थित आश्रम पहुंचे, यहां आश्रम प्रबंधकों ने तेजपाल को उसके परिवार से मिलवाया।
आश्रम के प्रमुख सेवादार विनोद तायल व अशोक भुकर ने बताया कि स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में हांसपुर रोड पर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम संचालित है, जहां मंदबुद्धि और बेसहारा लोगों को रखा जाता है। यहां उनके रहने और खाने-पीने की भी पूरी व्यवस्था की गई है। अब तक सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम द्वारा 45 से 50 लोगों को उनके परिवारजनों से मिलवाया जा चुका है।