फतेहाबाद। केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार को गेहूं खरीद के दौरान सिकुड़े व टूटे दानों तथा लस्टर लॉस में छूट दी है, लेकिन अनाज मंडी में गेहूं लेकर आ रहे किसान सरकार की इस सुविधा से अनभिज्ञ नजर आए। गर्मी बढ़ रही है और ऐसे में किसानों ने गेहूं कटाई के कार्य पर भी जोर दे रखा है। अनाज मंडी में एकाएक गेहूं की आवक तेज हो गई है। ऐसे में अनाज मंडी में अव्यवस्था का माहौल भी पैदा हो गया है। मंडी में पीने के पानी व छाया न होने की बड़ी समस्या बनी हुई है। बुधवार को 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार की मांग पर अब सिकुड़े व टूटे दाने तथा लस्टर लॉस गेहूं की खरीद के भी आदेश दिए हैं। सरकार ने इस पर कटौती के आदेश भी दिए हैं, लेकिन हरियाणा सरकार ने इस कटौती को वहन करने का निर्णय लिया है। जिले के 44 खरीद केंद्रों व सात अनाज मंडियों की में गेहूं की आवक लगातार हो रही है। अब खरीद केंद्र व अनाज मंडी गेहूं से भरने लगे हैं। ऐसे में किसानों को इस बात का पता ही नहीं कि सरकार की ओर से उनको क्या छूट मिली है। जिन किसानों को पता है, उनका कहना है कि आढ़ती के जरिये उन्होंने गेहूं की बिक्री की है, जो रेट मिलेगा उनको पता चल जाएगा और वह इससे संतुष्ट हैं। फतेहाबाद की अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक ने जोर पकड़ लिया है। अब तक जिले की मंडियों में 17 हजार 654 किसानों के गेट पास कटे हैं और मंडियों में एक लाख 29 हजार 257 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जो एजेंसियों ने खरीद ली है।
ये बोले किसान
बारिश के कारण इस बार गेहूं के उत्पादन में कुछ कमी आई है। गेहूं के दाने पर भी फर्क पड़ा है। अगर सरकार ने लस्टर लॉस व सिकुड़े व टूटे दाने खरीदने की बात कही है तो अच्छी बात है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और गेहूं की फसल सही रेट पर बिकेगी।
-सतबीर खिचड़, किसान, ढाणी ईस्सर
गेहूं खरीद में सरकार की छूट का मुझे नहीं पता। मैं अपनी गेहूं लेकर अनाज मंडी में आया हूं और गेहूं सही दामों पर बिकी है। आढ़ती के माध्यम से मेरी गेहूं की बिक्री हुई है। अगर कोई कटौती हुई है तो इसकी जानकारी भी मुझे नहीं है।
-देसराज, किसान, रत्ताटिब्बा
सरकार ने इस बार गेहूं में 80 फीसदी तक लस्टर लॉस व 18 फीसदी टूटे गेहूं की खरीद का निर्णय लिया है, जो काफी अच्छा है। इस बारिश व तेज हवाओं के कारण किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, वैल्यू कट अगर सरकार भुगत रही है तो इससे अच्छी बात कोई नहीं होगी।
-राधेश्याम, किसान, भोड़िया खेड़ा
अनाज मंडी में वैसे तो कोई परेशानी नहीं है। वैल्यू कट का मुझे कुछ नहीं पता अगर सरकार इसका भुगतान कर रही है तो अच्छी बात है। एजेंसी के माध्यम से मेरी फसल एमएसपी पर ही बिकी है। हालांकि अनाज मंडी में छाया और पीने के पानी की समस्या है। पीने के पानी का एक प्याऊ बंद पड़ा है, जिस कारण किसानों को लंबी दूरी तय करके दूसरे प्याऊ तक जाना पड़ता है।
-अशोक कुमार, स्वामी नगर
अनाज मंडी में किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। जिन किसानों की फसल में लस्टर लॉस है या दाना सिकुड़ा अथवा टूटा हुआ है, उसकी खरीद की जा रही है। हालांकि वैल्यू कट लगाया जा रहा है, जो सरकार एजेंसियों को भरेगी, किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदी जा रही है।
-विकास सेतिया, सचिव, मार्केट कमेटी