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थैलेसीमिया पीड़ितों को भी मिलेगा पेंशन का लाभ : मक्कड़

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टोहाना (फतेहाबाद)। शहर के पटेल नगर स्थित अपूर्वा स्पेशल स्कूल में हरियाणा दिव्यांगजन आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने पहुंचकर दिव्यांगजनों के मन की बात सुनी। उनके जीवन में आ रही कठिनाइयों को जानने की कोशिश की। प्रदेश के पांच हजार थैलेसीमिया पीड़ितों को पेंशन का लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने अपूर्वा फाउंडेशन ट्रस्ट व संगम दिव्यांग बाल केंद्र का दौरा कर दिव्यांगजनों की समस्याओं और जरूरतों का आंकलन किया।
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आयुक्त ने बताया कि किसी भी दिव्यांग को अपमानित करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना या पांच साल की सजा या दोनों का प्रावधान है। मक्कड़ ने कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति सरकार संवेदनशील है। सरकार ने दिव्यांगों के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। अब थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए भी पेंशन का प्रावधान किया गया है। 45 प्रकार के दिव्यांगजनों को भी 2750 रुपये प्रति माह पेंशन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों को पांच दिन का निशुल्क एडवेंचर कैंप के तहत भ्रमण पर ले जाया जाता है, जिसका बैस कैंप पंचकुला है। इस साल 2200 बच्चों का फ्री एडवेंचर कैंप करवाया जाएगा।
कौशल रोजगार निगम की भर्तियों में दिव्यांगों का आरक्षण चार प्रतिशत
मक्कड़ ने बताया कि कौशल रोजगार निगम के तहत एक लाख भर्तियां निकाली गई हैं, जिसमें दिव्यांगजनों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। दिव्यांगजनों को रोजगार देने के लिए गुरुग्राम में अमेजन कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया गया है। इस प्रकार जॉब फॉर यूथ योजना के तहत सभी शहरों में दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकारी स्कूल में दिव्यांगजनों को 1950 रुपये स्टाइफंड मिलता है। सरकार 1380 स्पेशल स्कूल टीचर मुहैया करवाएगी, जिससे दिव्यांग बच्चों की शिक्षा का स्तर ठीक किया जा सके।
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10वीं व 12वीं में दिव्यांग बच्चों की नहीं लगेगी परीक्षा फीस
मक्कड़ ने कहा कि किसी भी दिव्यांग को अस्पताल के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे, इसके लिए उनको नजदीकी सीएससी सेंटर पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। एक निश्चित तिथि को डॉक्टर की टीम चेक करेगी और ऑनलाइन ही दिव्यांग प्रमाणपत्र मिल जाएगा। सभी दिव्यांग की एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी, जिसमें उसकी संपूर्ण जानकारी होगी। 10वीं या 12वीं कक्षा के दिव्यांग बच्चों की एग्जाम फीस नहीं लगेगी। पिछले तीन सालों में जितने भी फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए गए हैं, उन सभी की जांच की जाएगी। शिक्षा, खेल व अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग बच्चों के साथ-साथ दिव्यांग अध्यापकों को भी सम्मानित किया गया।
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