फतेहाबाद। जिले में अधिकतम तापमान अब 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। शनिवार का दिन इस गर्मी के सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। सूर्य की तपिश से धरती उबलने जैसा अहसास हो रहा है। आम जन से लेकर पशु-पक्षी तक बेहाल हो गए हैं। लोड बढ़ने के साथ ही बिजली निगम का तंत्र भी जवाब देने लगा है। ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए बिजली कट लगाए जा रहे हैं।
शहर में सुबह से ही बिजली कट लगने शुरू हो जाते हैं। मरम्मत कार्य के चलते कभी चार तो कभी पांच घंटे के लिए बिजली कटौती करनी पड़ रही है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 7 बजे ही गर्मी उफान पर होती है। दूसरी तरफ पुराना बस स्टैंड, थाना रोड, धर्मशाला रोड, बीघड़ चौक से लेकर लघु सचिवालय तक कहीं सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी का प्रबंध नहीं है। इस कारण राहगीरों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शुक्रवार रात से बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। शनिवार को भी सुबह 6 से 11 बजे तक आधे से ज्यादा शहर में बिजली सप्लाई गुल रही। वहीं, दोपहर के समय में भी 15 से 20 तक के कट बीच-बीच में लगते रहे। 33 केवी बिजली घर में मरम्मत कार्य चलता रहा। ट्रांसफार्मरों को बदलने और क्षमता बढ़ाने की याद भी बिजली निगम के अधिकारियों को अब आई है, जब पारा उफान पर है। शिव नगर में भी शनिवार को ट्रांसफार्मर बदला गया।
पशुओं में होने लगी दूध की कमी, धूप में निकालने से बचें
इस भीषण गर्मी की मार पशुओं को भी झेलनी पड़ रही है। पशुओं में दूध की कमी आ गई है। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. संजय शर्मा बताते हैं कि दुधारू पशुओं में ज्यादा गर्मी में हारमोन कम हो जाते हैं, जिससे पशुओं में दूध की कमी आ जाती है, इससे बचाव के लिए पशुओं को हर रोज ठंडे पानी से नहलाना चाहिए। पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए पूरे प्रबंध करने जरूरी हैं। पशुओं को धूप में बाहर न निकालें। दिन में कम से कम चार बार पशुओं को पानी पिलाना चाहिए और उन्हें ठंडे स्थान पर रखना चाहिए।
झुलसने लगी है नरमे की बोई गई फसल
भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी का संकट गहराने लगा है। टोहाना खंड के दो बड़े गांव समैन व गाजुवाला में पीने के पानी की समस्या गहरी हो गई है। गांव के लोग पीने के लिए नहर पर लगे हैंडपंप से पानी लेकर आते हैं। गाजूवाला के ग्रामीण दर्शन सिंह व संदीप सिंह ने बताया कि उनके गांव में पिछले दो महीने से पानी का संकट बना हुआ है। इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग को कई बार कहा जा चुका है। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। गांव के घरों तक पहुंचने वाली सप्लाई की पाइप लाइन टूटी हुई है। इससे बड़ी संख्या में घरों में पानी नहीं पहुंच पाता है। किसानों के अनुसार खेतों में बोई गई नरमे की फसल भी गर्मी के कारण झुलसने लगी है। जिले में इस बार करीब एक लाख एकड़ में नरमे की फसल की बिजाई चल रही है। कुछ जगहों पर बिजाई हो चुकी है जबकि कुछ किसान अभी भी बिजाई में लगे हुए हैं। गांव धांगड़ के किसान विनोद कुमार, गांव बड़ोपल के राजेश बिश्नोई, समैन के किसान रामफल सिंह ने बताया कि इतनी अधिक गर्मी से नरमे की फसल की फसल ज्यादा खराब होने की संभावना है। इस समय अगर बारिश आ जाए तो फसल को जीवनदान मिल सकता है।
कोट
तापमान लगातार बढ़ने से बिजली की खपत भी बढ़ रही है। लोड दोगुना तक पहुंच गया है। ओवरलोड के कारण कट लग रहे हैं। व्यवस्था सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कुछ जगहों पर ट्रांसफार्मर बदले गए हैं जबकि कई ट्रांसफार्मर की क्षमता भी बढ़ाई गई है।
-मनिक, एसडीओ, बिजली निगम फतेहाबाद