गुवाहाटी में हरियाणवी संस्कृति की प्रस्तुति के दौरान उपस्थित शिक्षक।
फतेहाबाद। शिक्षण विधियों को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सहयोग से जिला शिक्षा अधिकारियों की अनुमति से विभिन्न शिक्षकों काे सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र गुवाहाटी भेजा। गुवाहाटी में लगे शिविर में ये शिक्षक कठपुतली के विद्यालयी शिक्षा में उपयोग का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
प्रतिभागी एवं राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला ढिंगसरा के शिक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न प्रांतों के शिक्षक आए हुए हैं। सभी ने अपने-अपने प्रांतों की योजनाओं की जानकारी एक दूसरे से साझा की। साथ ही हरियाणवी संस्कृति में विशेष स्थान रखने वाली छापा अथवा चित्रण कला द्वारा जन्म संस्कार से मुक्ति संस्कार को समेटे हुए, सभी तीज त्योहारों को प्रोजेक्ट के माध्यम से दर्शाया गया। शिक्षक द्वारका प्रसाद ने बताया कि सभी प्रांतों की तरह हरियाणा के शिक्षकों ने वहां अपने प्रांत की सांस्कृतिक छटा मंच पर बिखेरी। एक घंटे की सांस्कृतिक प्रस्तुति में हरियाणा के गौरवशाली अतीत, समृद्ध वर्तमान और उन्नत भविष्य के साथ-साथ रागनी, नाटिका, नृत्य और व्याख्यान के माध्यम से सभी सांस्कृतिक पहलुओं का समाहार किया गया था।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से व्याख्याता एवं राज्य सीसीआरटी समन्वयक सरिता ने बताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त निष्कर्षों को हरियाणा में अपनाने से निश्चित ही शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाया जा सकेगा। सीसीआरटी निदेशक ऋषि वशिष्ठ ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर शिक्षक के लिए आवश्यक हैं। इन शिविरों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलता है और शिक्षक नवाचार के माध्यम से बच्चों को पढ़ाना सीखते हैं। प्रशिक्षण उपनिदेशक राहुल कुमार और परामर्शदाता वाई चंद्रशेखर ने भी कार्यशाला की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए।
हरियाणा की ओर से प्रतिभागिता दर्ज करवाने वाले शिक्षक धर्मवीर सिंह, द्वारका प्रसाद, मनीष, प्रदीप कुमार, राजेंद्र, प्रियंबदा, पूजा रानी, नीरज, रश्मि और सुशीला देवी शामिल रहे।