भट्टू कलां। राजकीय माध्यमिक विद्यालय सूलीखेड़ा में पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आह्वान पर अध्यापकों और कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार द्वारा पुरानी पेंशन नीति लागू न करने के लिए अपना विरोध प्रकट किया। जिला सचिव देसराज माचरा ने कहा कि सरकार ने यूपीएस के नाम पर कर्मचारियों को बरगलाया है, वह किसी भी कीमत पर हमें स्वीकार नहीं है।
यूपीएस के माध्यम से सरकार अपने पूंजीपतियों की जेबें भरना चाहती है। अगर सरकार कर्मचारी हित देखती है तो उसे तुरंत पुरानी पेंशन बहाल कर देनी चाहिए। केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों का भला देखते हुए सरकार का हिस्सा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 18.5 प्रतिशत कर दिया है जोकि बिल्कुल गलत है। सरकार द्वारा पहले एनपीएस के गुण गाए जाते थे और अब एनपीएस को गलत बताकर यूपीएस को लागू कर दिया गया है।
जबकि कर्मचारियों की कभी यह मांग नहीं रही है। कर्मचारी केवल और केवल पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। अगर यूपीएस इतनी अच्छी है तो केंद्र सरकार सबसे पहले एमपी व एमएलए के लिए लागू क्यों नहीं करती। देश के सारे एमएलए और एमपी पुरानी पेंशन नीति पर अडिग क्यों हैं? हम सब मांग करते हैं कि जल्द से जल्द पुरानी पेंशन नीति लागू की जाए।