फतेहाबाद/रतिया। जिले में एक ही दिन में 231 गायों में लंपी स्किन बीमारी के लक्षण मिले हैं। पिछले पांच दिनों में सात गायों की मौत भी हो चुकी है। अब तक जिले में लंपी स्किन बीमारी के 366 केस मिल चुके हैं। इनमें से 103 गाय ठीक हो चुकी हैं। 263 गायों का अभी भी उपचार जारी है।
सबसे ज्यादा केस गोशालाओं में मिल रहे हैं। रतिया की गुरु नानक गोशाला के बाद अब श्रीकृष्ण गोशाला में भी 60 गाय इस बीमारी से पीड़ित मिली हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गायों में बीमारी फैलने से पशुपालन विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभाग की टीमों को लगातार फील्ड विजिट के साथ साथ गोशालाओं में भी उपचार की निगरानी रखनी पड़ रही है।
इन स्थानों पर गायों की हो चुकी मौत
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक दो गाय गांव बाड़ा, एक रतिया गोशाला, एक टोहाना, एक जाखल व एक अहरवां में दम तोड़ चुकी है। अन्य गायों को संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें संक्रमित गायों से दूर रखा गया है। देशी नुस्खों से लेकर एंटी एलर्जिक और एंटी बायोटिक दवाएं दी जा रही हैं।
15 अगस्त के बाद वैक्सीन आने की संभावना
पशुओं को लंपी स्किन बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग के उपनिदेशक कार्यालय से मुख्यालय को 66 हजार 800 वैक्सीन की डिमांड भेजी हुई है। 15 अगस्त के बाद जिले में वैक्सीन का स्टॉक पहुंचने की संभावना है। स्टॉक आते ही वैक्सीनेशन का शेड्यूल बनाकर गायों को वैक्सीन लगाई जाएगी ताकि संक्रमण का फैलाव और न हो।
पशुपालकों की बढ़ी चिंता
जिले में लंपी स्किन बीमारी के 366 केस आने के कारण पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालक रामेश्वर, विजय बिश्नोई, विकास गोदारा, लालचंद आदि ने बताया कि लंपी स्किन बीमारी से ग्रसित गायें न दूध दे रही हैं और न ही ढंग से चारा खा पाती है। शरीर पर फोड़े भी हो रहे हैं। इस कारण उनकी चिंता बढ़ी हुई है। पशुओं को बचाना उनके लिए बेहद जरूरी है।
जिले में लंपी स्किन बीमारी के 366 केस हो चुके हैं। वीरवार तक 135 केस थे। रतिया क्षेत्र की गोशालाओं में सबसे अधिक केस आए हैं। वहां टीमें उपचार में लगी हुई है। वैक्सीन दो-तीन दिन तक हमारे पास आने की उम्मीद है।
- डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, फतेहाबाद