भूना। गांव पालसर में रविवार को जमीन के विवाद में हत्यारोपियों ने जयपाल शर्मा का खून बहा दिया। सनसनीखेज वारदात से गांव में दहशत पसर गई। इस वारदात से मृतक जयपाल की पत्नी मानती शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चीखते हुए मानती ने कहा कि हमने किसी का क्या बिगाड़ा था कि इस मनहूस दिन को देखने के लिए विवश होना पड़ा। जयपाल शर्मा के इकलौते बेटे गौरव शर्मा (20) की आंखों से भी पिता को याद कर आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
गांव पालसर में जमीन विवाद की रंजिश पाले हुए सुखप्रीत सुखू अपने पिता की मौत का जिम्मेदार जयपाल शर्मा को मानते हुए उसकी हत्या करने की फिराक में काफी दिनों से था। रविवार को मौका पाते ही आरोपी ने जयपाल को गोली मारकर उसे मौत के नींद सुला दिया। इस वारदात से पहले अपने इकलौते बेटे के इरादों को भांपकर उसकी मां छिंद्रकौर गांव पालसर की छह एकड़ जमीन बेचकर पंजाब के गांव फतेह में चली गई। वहां पांच एकड़ जमीन की खरीदारी कर ली थी। मगर, सुखू लगातार जयपाल की हत्या करने के लिए मौके की तलाश करता रहा। उसे पंजाब में कम और गांव पालसर में ज्यादा देखा गया था। सुखप्रीत सुखू नशेड़ियों की संगत में आ गया था। हत्या के बाद व्हाट्सएप पर स्टेट्स लगाकर उसने खुद इस वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकारते हुए सरकार से परिवार व दोस्तों को तंग न करने की भी अपील की।
प्रॉपर्टी के कारोबार में शर्मा का चमका था सितारा
गांव पालसर निवासी जयपाल शर्मा गांव में एक छोटी सी किराना की दुकान करते थे। मगर, प्रॉपर्टी में आई तेजी के बाद 1998-99 में रतिया में जयपाल शर्मा ने कई प्लॉटों की खरीद-फरोख्त करके अच्छा खासा पैसा कमा लिया था। इसलिए जसबीर के साथ मिलकर मध्यप्रदेश में जमीन खरीदी। संयुक्त रूप से खरीदी गई जमीन में जसबीर उर्फ जस्सू का मात्र कुछ हिस्सा ही था, मगर इसी हिस्से के चक्कर में जयपाल शर्मा का सुखप्रीत काल बन गया।
घर में कोहराम मचा
गांव पालसर में जयपाल शर्मा की हत्या के बाद उनके घर कोहराम मचा हुआ है। महिलाएं मृतक की पत्नी मानती शर्मा को ढांढस बंधाने में जुटी रहीं। मानती शर्मा कभी बेहोश हो जाती तो कभी कहती पैसा देकर दुश्मन बना लिया और मेरा घर उजाड़ दिया।
हरमेश शर्मा की पुत्रवधू हैं रतिया में नगर पार्षद
गांव पालसर निवासी जयपाल शर्मा के भाई हरमेश शर्मा की पुत्रवधू रेखा रतिया के वार्ड नंबर दो से नगर पार्षद हैं। सूचना मिलते ही पार्षद प्रतिनिधि हरमेश शर्मा और उनके सैकड़ों समर्थक नागरिक अस्पताल पहुंच गए। काफी समय तक जब कोई पुलिसकर्मी अस्पताल में नहीं आया तो समर्थकों में रोष फैल गया। हरमेश शर्मा ने एसपी आस्था मोदी को फोन पर सूचना दी। इसके बाद रतिया शहर थाना के कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजवीर अपनी टीम के साथ पहुंचे। हालांकि, संबधित गांव भूना क्षेत्र का होने के कारण कुछ समय बाद भूना के थानाध्यक्ष अनूप सिंह भी पहुंच गए। हरमेश शर्मा की गिनती पहले भाजपा के सीनियर नेताओं में होती थी। मगर, निकाय चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद निर्दलीय तौर पर उनकी पुत्रवधू ने पार्षद पद का चुनाव जीता था।
कोट
जयपाल शर्मा की हत्या के मामले में उनके बेटे गौरव के बयान पर सुखदीप उर्फ सुखू सहित दो लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सोशल मीडिया पर स्टेटस डालने का मामला भी संज्ञान में आया है। लोकेशन और अन्य सुबूतों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है।
-अजायब सिंह, डीएसपी