फतेहाबाद। जिला मुख्यालय की एकमात्र सरकारी लाइब्रेरी महिला महाविद्यालय भोड़ियाखेड़ा में शिफ्ट किए जाने की मंजूरी मिलने के उपरांत जिला प्रशासन ने तुरंत लाइब्रेरी शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए। इन निर्देशों के बाद यहां अध्ययन करने आ रहे छात्रों ने भी इस निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वीरवार से छात्र संगठनों संग मिलकर लघु सचिवालय में धरना देंगे।
पार्षद मोहन लाल नारंग व जिंदगी संस्था अध्यक्ष हरदीप सिंह के नेतृत्व में छात्र लघु सचिवालय पहुंचे, जहां डीसी के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि लाइब्रेरी को जिला मुख्यालय पर ही रखा जाए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे किसी सूरत में भोड़ियाखेड़ा कॉलेज में लाइब्रेरी में नहीं जाएंगे। सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वीरवार को लघु सचिवालय में इस मामले को लेकर सांकेतिक धरना भी देंगे। ज्ञापन देने पहुंचे छात्रों में कमलेश रानी, पूनम, सुमन रानी, प्रींस, बबली, सोनिया, कुशल शर्मा, राजकुमार, कुलदीप, नरेश आदि ने कहा कि लाइब्रेरी महिला महाविद्यालय में शिफ्ट होने से अध्ययन करने आ रहे हर छात्र को दिक्कत आएगी। इस वक्त अध्ययन करने आ रहे छात्र भूना, बड़ोपल, भिरड़ाना, करनोली जैसे दूर-दराज गांवों से आते हैं। इन गांवों से यहां आने में ही काफी समय लग जाता है, यदि गांव भोडियाखेड़ा शिफ्ट किया जाता है तो उनके लिए वहां जाना असंभव हो जाएगा।
छात्रों ने कहा कि यदि प्रशासन कंडम भवन का हवाला देकर लाइब्रेरी को शिफ्ट करना ही चाहता है तो जिला मुख्यालय की लाइब्रेरी को शहर में ही किसी अन्य जगह पर शिफ्ट करे, जिससे छात्रों व लाइब्रेरी के अन्य सदस्यों को किसी तरह की दिक्कत न आए। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि जिला मुख्यालय पर लाइब्रेरी मुख्यमंत्री की घोषणाओं में प्रमुख रूप से शामिल रही है। इसके लिए जगजीवनपुरा में जगह तक चयनित की हुई है। मगर दस साल में अधिकारी मुख्यमंत्री घोषणा को अमलीजामा पहनाने में नाकाम रहे हैं।
भोड़ियाखेड़ा ग्रामीणों में भी रोष, जताएंगे विरोध
लाइब्रेरी और सरकारी को-एड कॉलेज महिला महाविद्यालय में शिफ्ट किए जाने को लेकर गांव भोड़ियाखेड़ा में भी रोष पनपने लगा है। इस मामले में गांव के कुछ प्रतिनिधियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ग्राम पंचायत ने महिला कॉलेज के लिए जगह इसलिए दी थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सके। लेकिन अब जब को-एड कॉलेज उपरांत सरकारी लाइब्रेरी को भी इसी कॉलेज में शिफ्ट किया जा रहा है तो यह महिला महाविद्यालय को खत्म करने की दिशा में उठाया जा रहा राजनीतिक कदम है। इस मामले में ग्रामीण जल्द पंचायत करके बड़ा निर्णय लेंगे।