खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुई उल्लास सर्वे ट्रेंनिंग का खंड भूना के विभिन्न विद्यालयों से
फतेहाबाद। जिले के महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब पढ़ाई के साथ-साथ उद्यमी बनने के गुर भी सीख सकेंगे। इसके लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने गांव भोड़ियाखेड़ा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय को स्टार्टअप इनक्यूबेटर बनाया गया है। विद्यार्थियों को पारंगत करने के लिए एजेंसी हायर की गई है। इस एजेंसी को भोड़ियाखेड़ा महाविद्यालय में तीन हजार स्क्वायर फीट जगह उपलब्ध करवाई जाएगी, जहां वह विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करेगी। जिले के महाविद्यालयों में पढ़ने वाले दस हजार से अधिक विद्यार्थी इसका फायदा उठा सकेंगे।
गौरतलब है कि पहले प्रदेश के सिर्फ पांच जिलों में स्टार्टअप इनक्यूबेटर बनाए गए थे। मगर अब फतेहाबाद सहित 17 अन्य जिलों में भी बना दिए गए हैं। इससे हर जिले में विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा। दरअसल, कोई भी विद्यार्थी स्टार्टअप इनक्यूबेटर के जरिये जिस भी क्षेत्र में स्टार्टअप करना चाहता है, उसके बारे में एजेंसी को बताएगा। फिर एजेंसी उस विद्यार्थी को ट्रेनिंग देगी। विद्यार्थी को बताया जाएगा कि वह अपना पसंदीदा स्टार्टअप कैसे कर सकता है। इस तरह पढ़ाई के दौरान ही विद्यार्थी अपना बिजनेस शुरू कर सकेंगे और आमदनी के स्रोत बना सकेंगे। एजेंसी यह भी देखेगी कि ट्रेनिंग लेने के बाद कौन सा विद्यार्थी कितना पैसा कमा रहा है। सरकार एजेंसी को तीन साल के लिए हर साल 45-45 लाख रुपये देगी। संवाद
विद्यार्थियों के रुझान के हिसाब से बनेंगे ग्रुप
स्टार्टअप के इच्छुक विद्यार्थी अगर कक्षा के समय के दौरान भी प्रशिक्षण लेंगे तो भी उनकी हाजिरी लग सकेगी। इसके अलावा कक्षाओं के बाद प्रशिक्षण लेने का विकल्प भी ले सकेंगे। विद्यार्थियों के रुझान के हिसाब से एजेंसी अलग-अलग स्टार्टअप के आधार पर ग्रुप बनाएगी। उन ग्रुप में विद्यार्थियों को शामिल करके उनके प्रशिक्षण बैच बनाए जाएंगे। इसके बाद विशेषज्ञ प्रशिक्षितों की ओर से उनको प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिस क्षेत्र में विद्यार्थी स्टार्टअप करना चाहेगा, उसी के मुताबिक एजेंसी मशीनें या लैब स्थापित करेंगी।
भोड़ियाखेड़ा महिला महाविद्यालय में स्टार्टअप इनक्यूबेटर बनाया गया है। यहां निर्धारित एजेंसी विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए प्रशिक्षण देगी। कोई भी विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकता है। पढ़ाई के साथ-साथ ही विद्यार्थी बिजनेस करना सीख सकेंगे। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
-डॉ. राजेश मेहता, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद