फतेहाबाद/टोहाना/समैन। फतेहाबाद में पराली जलाने के मामलों में तेजी आ गई है। शनिवार को हरसैक ने 14 स्थानों पर फायर लोकेशन कृषि विभाग को भेजी है। वहीं दूसरे स्रोत से कृषि विभाग के पास एक शिकायत आई है। वहीं अब गांवों में पराली जलाने के कारण धुआं सड़कों पर आ रहा है, जिससे हादसों का खतरा भी बन गया है। विभाग अब तक 65 किसानों को जुर्माना कर चुका है।
फतेहाबाद में अब तक हरसैक की ओर से कृषि विभाग को 105 स्थानों पर आगजनी की लोकेशन भेजी जा चुकी है। वहीं कृषि विभाग को दूसरे स्रोतों से 19 शिकायतें आ चुकी हैं। जिले में कृषि विभाग अब तक 65 किसानों को एक लाख 65 हजार का जुर्माना किया गया है। फतेहाबाद में शनिवार को भी 15 स्थानों पर पराली को आग लगाई गई है। पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं टोहाना व रतिया क्षेत्र से आ रही हैं। गांवों में पराली जलाने के कारण धुआं अब मुख्य मार्गों पर आ रहा है, जिस कारण हादसों का खतरा बना हुआ है। टोहाना के गांव भीमेवाला के पास नेशनल हाईवे 148-बी के नजदीक खेतों में जल रही धान की पराली के कारण धुआं सड़क पर फैल गया, जिससे हादसों का खतरा बना रहा। वाहन चालकों को अपने वाहन धुएं के कारण धीरे-धीरे चलाना पड़ा।
टोहाना में 35 किसानों को जुर्माना
टोहाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में फसल अवशेष में आगजनी घटना होने पर संबंधित किसानों पर 87 हजार 500 रुपये जुर्माना किया गया है। गांव टोहाना, कन्हड़ी, समैन, अमानी, सिब्बलवाला, डांगरा, हैदरवाला, फतेहपुरी, लालौदा, पारता, जमालपुर शेखां, गाजुवाला, धारसुल कलां, इन्दाछुई, चंदड कलां, जापतेवाला, नन्हेडी, रत्ताथेह के 35 किसानों पर धान की पराली में आगजनी करने पर यह जुर्माना लगाया गया है। एसडीएम प्रतीक हुड्डा ने बताया कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने को जागरूक किया जा रहा है। किसान धान के अवशेष से बेल और गांठ बनाने का काम कर रहे हैं।
कोट
किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। जो किसान पराली को आग लगा रहे हैं, उन सख्ती बरती जा रही है और उनको जुर्माना भी ठोका जा रहा है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, फतेहाबाद