रतिया। रतिया में अग्रवाल धर्मशाला के समीप स्थित नगरपालिका की जमीन से कब्जा हटाने गई टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं। इस जमीन पर 60 वर्षों से मकान बनाकर रह रहे लोगों ने टीम पर पथराव कर दिया। पत्थरबाजी के दौरान दो महिलाओं को हल्की चोटें लगी तो वहीं दो-तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। लोगों ने पुलिस बस के शीशे भी तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने बल प्रयोग कर तीन महिलाओं सहित आठ लोगों को हिरासत में ले लिया, जिनको देर शाम छोड़ दिया गया। तीन घंटे तक चले घमासान (साढ़े 11 बजे से ढाई बजे) के बाद प्रशासन ने दूसरी जगह बसाने का आश्वासन देकर तीन कनाल तीन मरला जमीन से कब्जा हटवाया।
वर्ष 2014 में तत्कालीन हुड्डा सरकार के दौरान यह जमीन सरकार ने अरोड़वंश समाज को अलॉट की थी। शनिवार को कब्जा हटवाने पहुंची प्रशासन की टीम ने जैसे ही जेसीबी मशीन मंगाई, विरोध कर रहे कब्जाधारी उसके आगे लेट गए। प्रशासन ने महिलाओं व लोगों को समझाना चाहा तो महिलाओं ने उनके पैर पकड़ लिए, जिस पर प्रशासन ने जेसीबी को पीछे भेज दिया। इस बीच कुछ लोग बसों के शीशे तोड़ने लगे और पुलिस टीम पर पत्थर चलाने लगे। इस दौरान कब्जाधारी पुलिस टीम के आगे तलवार लहराते हुए धार्मिक देवी देवताओं की मूर्तियों को आगे रख रोष व्यक्त करने लगे। बाद में डीएसपी संजय बिश्नोई मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की। लोगों ने उनसे 15 दिन का समय देने और रहने के लिए दूसरी जगह अलॉट करने की मांग की, जिस पर डीएसपी ने प्रशासन तक यह मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कच्चे कमरों के अंदर छुपकर बैठे बच्चों और महिलाओं को बाहर निकाला गया। पुलिस प्रशासन ने जेसीबी से कच्चे कमरों और दीवारों को गिराकर कब्जा हटवाया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अशोक कुमार और नगरपालिका सचिव संदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
2014 हुड्डा सरकार ने अरोड़वंश समाज को आवंटित की थी जमीन
जानकारी के अनुसार अग्रवाल धर्मशाला के सामने करीब 63 मरले नगरपालिका की जमीन पर चौकीदारी का कार्य करने वाले शंकर लाल वर्षों पहले झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने लगे। अब यहां पर कच्चे मकान बन गए। 2014 में तत्कालीन हुड्डा सरकार के दौरान यह जमीन सरकार ने अरोड़वंश समाज को आवंटित कर दी तो समाज की सभा ने कलेक्टर रेट भी भर दिया। अब नगरपालिका को यह जमीन खाली करवानी थी। उपायुक्त के आदेशों पर एसडीएम जगदीश चंद्र द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अशोक कुमार, सिटी एसएचओ जय सिंह, सदर एसएचओ ओमप्रकाश, नगरपालिका सचिव संदीप कुमार, एमई सुनील लांबा की टीम पुलिस फोर्स व जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाएं उनके कच्चे मकान न तोड़ने की गुहार लगाने लगी, लेकिन जैसे ही मौके पर जेसीबी मशीन पहुंची तो कब्जाधारियाें ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आशियाना गिराने आगे बढ़ी पुलिस तो कब्जाधारियों ने किया पथराव
प्रशासन व कब्जाधारियों के बीच चल रही बहस के बीच टीमें कब्जा हटाने आगे बढ़ी तो कब्जाधारियों ने मकान के अंदर से पथराव शुरू कर दिया। कुछ कब्जा करने वाले परिवारों के युवकों ने लोहे की राॅडो से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इसके बाद पुलिस फोर्स आगे बढ़ी और कुछ महिलाओं को उठाकर बस में बिठाया और अपने साथ ले गए। वहां मौके पर काफी भगदड़ मच गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अशोक कुमार व शहर थाना प्रभारी जय सिंह ने कब्जाधारियों को फिर से समझाना शुरू कर दिया। इसी दाैरान पीछे से एक बार फिर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। एक गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद लोग जेसीबी के आगे लेट गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान डीएसपी संजय बिश्नोई वहां आए और उन्होंने लोगों से बात कर उन्हें समझाया। बिश्नोई ने बताया कि नगरपालिका कर्मचारियों के सहयोग से कब्जा धारी के सामान को बाहर निकाल कर प्रशासन द्वारा जेसीबी की सहायता से कब्जे हटाकर जगह को नगरपालिका को सौंप दिया गया।
कोट
नगरपालिका की तीन कनाल तीन मरले जगह से वर्षों पुराने किए गए कब्जे को हटाकर जगह नगरपालिका को सौंपा दी गई है। कब्जा कर रहे लोगों को बसाने को लेकर पूरा मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक कुमार, नायब तहसीलदार, रतिया