फतेहाबाद। जिले में पड़ रही भयंकर गर्मी का असर हाल ही में बिजी गई नरमे व कपास की फसल पर पड़ने लगा है। गांवों में नरमा व कपास की फसल झुलसने लगी है। किसानों को मजबूरन खेतों में दोबारा से नरमा की बिजाई करनी पड़ रही है और उन पर दोहरी मार पड़ रही है। कृषि विभाग के अनुसार, इस बार दो लाख एकड़ पर नरमा की बिजाई होने का अनुमान है।
भीषण गर्मी और चढ़ते पारे के कारण फतेहाबाद व आसपास के गांवों में खेतों में अंकुरित हो रही नरमा कपास की पौध जल रही है। फतेहाबाद व साथ लगते गांवों में इस कारण खेत के खेत खाली हो गए हैं। इस कारण किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पारा 43 डिग्री के ऊपर चढ़ने के कारण नरमे के साथ-साथ सब्जियों व हरा चारा तथा अन्य फसलें भी झुलस रही हैं। किसानों ने महंगे डीजल से ट्यूबवेल चलाकर खेतों की सिंचाई करने व जुताई करने पर भी खर्च किया। इसके बाद महंगा बीटी काटन बीज लेकर बिजाई की गई, परंतु भीषण गर्मी व प्रचंड लू ने नरमा की अंकुरित फसल को जला डाला। नहरों में पानी नहीं आने के कारण इस बार नरमा की बिजाई कम हुई है।
गांव काजलहेड़ी के किसान रामनिवास गोदारा, हरपाल सिंह, किसान रमेश कुमार, मानावाली के श्योकरण ने बताया कि गेहूं की कटाई के बाद उन्होंने नरमे की बिजाई की थी। पिछले दिनों चल रही लू व हवा के साथ आ रही गर्म मिट्टी के कारण नरमे की पौध जल गई है। अब उनको दोबारा खेत में निराई व गुड़ाई करके बिजाई करनी पड़ रही है, जिस कारण उनको अतिरिक्त वहन करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में करीब दो हजार का बीज, निराई गुड़ाई व बिजाई का 1400 रुपये प्रति एकड़ वहन किया था। लेकिन गर्मी के कारण पौध जल गई और अब उनको दोबारा बिजाई करनी पड़ रही है। काजलहेड़ी के किसान रमेश व हरपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ में नरमा व दो एकड़ में बाजरे की बिजाई की थी। जोकि जल गई है और अब दोबारा बिजाई करनी पड़ रही है। एक अनुमान के अनुसार, क्षेत्र में करीब 10 हजार एकड़ में नरमा, हरा चारा व बाजरे की फसल जल गई है।
पिछले माह इतनी गर्मी नहीं थी, जिस कारण किसानों ने नरमा व कपास की बिजाई की थी। अब अधिक गर्मी के कारण नरमा की फसल जल रही है। हालांकि इसका असर अधिक नहीं है। मौसम विभाग ने भी बताया है कि एक या दो दिन में बारिश आ जाएगी, जिससे नरमा की बिजाई भी जोर पकड़ेगी।
-डॉ. भीम सिंह, एसडीओ कृषि विभाग, फतेहाबाद