छिपकली को काबू करने के बाद नवजोत ढिल्लो।
टोहाना। गांव कालवन में स्किंक नामक विलुप्त प्रजाति की छिपकली देखी गई। लोगों ने स्किंक को पकड़कर जाली में बंद कर दिया। इसके बाद उसे देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। इसकी सूचना वन्य जीव संरक्षण, पशु क्रूरता निवारण कमेटी के सदस्य नवजोत सिंह ढिल्लो को दी गई।
ढिल्लो ने छिपकली को अपने कब्जे में लिया और लोगों को इस जीव के बारे में बताया। नवजोत ने बताया कि यह लुप्त प्राय जीव है और घातक नहीं बल्कि पर्यावरण मित्र जीव है, जिसे हिंदी में लोटनी व बामनी भी कहा जाता है। यह सांप और छिपकली का मिश्रण जैसा एक जानवर है, जो पतला, लंबा, चिकना और छोटे पैरों वाला है, इसे देसी भाषा में सांप की मौसी भी कहते हैं।
उन्होंने बताया कि ये छिपकली ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के आसपास, खेतों में और जंगलों की नम क्षेत्र में पत्तों के बीच या पत्थरों के बीच पाई जाती है। सांप जैसी दिखने वाली इस छिपकली को लोग जहरीला मानकर मार देते हैं। दुश्मन जानवर को देखकर यह अपनी पूंछ अलग कर देती है और पकड़ी गई छिपकली की भी पूंछ नहीं थी। नवजोत सिंह ने छिपकली को जंगली क्षेत्र में छोड़ दिया।