फतेहाबाद। विधायक दुड़ाराम के पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई है। नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है। एसआईटी की जांच जारी है। सोमवार तक एसआईटी ने 30 लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं।
मामले में एसआईटी ने रुपये देने वालों के अलावा उन लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं, जिनसे रुपये लेकर आगे दिए गए थे। हालांकि, अभी एसआईटी ने विधायक दुड़ाराम के पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष के बयान दर्ज करने के लिए नोटिस जारी नहीं किया है। बताया जा रहा है कि नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये देने का आरोप लगाने वाले लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसआईटी उक्त आरोपियों को जांच में शामिल करेगी।
ये है मामला
विधायक दुड़ाराम के पूर्व चालक सुभाष उर्फ टोपी ने करीब 25 दिन पहले विधायक की कोठी के बाहर धरना देकर हंगामा किया था। इस दौरान सुभाष उर्फ टोपी ने आरोप लगाए थे कि उसने नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लिए थे और वह पीए राजबीर को दिए। सुभाष उर्फ टोपी ने मामले को लेकर सूची भी जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि नौकरी के नाम पर इन लोगों से रुपये लिए गए हैं। मामला बढ़ने के बाद शहर पुलिस ने नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप में पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी की जांच शुरू होने के बाद पूर्व चालक सुभाष ने मीडिया के सामने आकर पीए राजबीर पर लगाए गए आरोपों से मुकर गया था और कहा था कि न तो किसी से रुपये लिए और न ही दिए गए है। गलतफहमी में आरोप लगाए गए थे। हालांकि एसआईटी की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि क्या निष्कर्ष निकलता है।
एसआईटी मामले में अभी तक करीब 30 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। एसआईटी की फिलहाल अभी जांच जारी है।
- रुपेश चौधरी, सदस्य एसआईटी।