फतेहाबाद। विधायक दुड़ाराम के पीए और पूर्व चालक द्वारा सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप के मामले में गठित एसआईटी ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। पैसा देने के मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन दस लोगों को एसआईटी ने बयान दर्ज करवाने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। इन दस में से तीन लोगों ने मंगलवार को एसआईटी के सामने बयान दर्ज करवा दिए हैं। वहीं, एसपी आस्था मोदी ने एसआईटी के प्रभारी डीएसपी शुक्रपाल को सारे कामकाज छोड़कर पहले इस मामले की जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि पूर्व चालक सुभाष के समर्थन में आए किसान संगठनों और उनके द्वारा गठित कमेटी ने 16 सितंबर को विधायक के घर के बाहर महापंचायत करने का ऐलान किया हुआ है। कयास लगाए जा रहे थे कि पुलिस प्रशासन 16 सितंबर से पहले अपनी जांच पूरी कर देगा। मगर अब खुद एसपी ने जांच 16 सितंबर तक पूरी नहीं होने की बात कही है।
16 सितंबर तक जांच नहीं हो पाएगी पूरी
हालांकि, एसआईटी 16 सितंबर तक जांच पूरी नहीं कर पाएगी। खुद एसपी आस्था मोदी ने माना है कि जांच प्रक्रिया में समय लगेगा। विधायक के पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष टोपी से पूछताछ से पहले उन सभी लोगों के बयान होंगे, जिनका नाम पैसे देने वालों की सूची में सामने आया है। पहले इसकी पुष्टि की जाएगी कि किन-किन लोगों ने कितना-कितना पैसा सरकारी नौकरी लगवाने के लिए दिया है। यह पैसा किसको कब और कहां दिया गया, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी।
इन लोगों के नाम आए थे सामने
पूर्व चालक सुभाष द्वारा मीडिया के सामने सरकारी नौकरी के नाम पर पैसा देने वालों की एक सूची जारी की गई थी। इस सूची में नौ लोगों के नाम लिखे हुए थे। सुभाष द्वारा दिखाई गई सूची के अनुसार भूना के विनोद से 26 लाख, गांव भादड़ा के रमेश से छह लाख, गांव मेहूवाला के मांगेराम से छह लाख, गांव कुम्हारिया के कृष्ण से पांच लाख, गांव कुम्हारिया के रामेश्वर से दस लाख, गांव ठुइयां के मंगतुराम से दस लाख, भट्टू के बलवंत से आठ लाख, कुम्हारिया के हवासिंह से पांच लाख, फतेहाबाद के विक्रम सिंह से ढाई लाख रुपये लिए गए हैं।
कोट
16 सितंबर तक जांच पूरी नहीं हो पाएगी, अभी समय लगेगा। जिन पैसे देने वालों के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ होगी। तीन लोगों के बयान हुए हैं। डीएसपी को निर्देश दिए हैं कि सारे काम छोड़कर यह जांच पूरी करें।
-आस्था मोदी, एसपी, फतेहाबाद