फतेहाबाद। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने गांव हुकमावाली में हुई हत्या के मामले में पिता-पुत्र को सात-सात साल की कैद व सात-सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में गांव हुकमावाली निवासी रमनदीप सिंह की शिकायत पर रतिया पुलिस ने 2 अक्तूबर 2020 को गांव हुकमावाली निवासी नायब सिंह व उसके बेटे सेवक सिंह उर्फ गुरसेवक के खिलाफ हत्या व मारपीट का केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में रमनदीप सिंह ने बताया था कि उनके खेत के पास से सरकारी खाल लीकेज कर रहा था। खाल के साथ लगते ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने इस खाल में सीमेंट लगाना आरंभ किया था। जब उनके खेत से निकल रहे खाल से उन्होंने सीमेंट लगाई तो खाल में पानी आ गया। आरोप है कि जब उसके पिता जोगिंद्र सिंह खेत की देखरेख कर रहे थे और उन्होंने उपरोक्त आरोपियों से कहा कि अभी खाल पर सीमेंट पक्की नहीं है, इसलिए एक बार पानी रोक लो, लेकिन आरोपी नहीं माने और उसके पिता जोगिंद्र सिंह पर लाठियों से हमला बोल दिया। इससे उसके पिता की मौत हो गई। इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए उनको सजा सुनाई है।