मृतक प्रवीन कुमार द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट, जिसमें पुलिस और परिजनों पर आत्महत्या के लिए मजबूर
फतेहाबाद। गांव ढिंगसरा निवासी युवक प्रवीण कुमार और गांव भोड़ियाखेड़ा की युवती शाइना की मौत के बाद शहर थाना प्रभारी रणजीत सिंह और गांव भोड़ियाखेड़ा के सरपंच प्रतिनिधि अनिल गढ़वाल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। मृतक के भाई पवन ने अंदेशा जताया है कि प्रवीण को प्रताड़ित करके मरने के लिए मजबूर किया गया है।
मृतक प्रवीण ने मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट मेंभी लिखा है कि उसने 7 जून को पत्नी की हत्या की शिकायत देनी चाही तो पहले पुलिस ने भट्टू थाने में बुलाया। वहां गया तो उसे फतेहाबाद शहर थाने भेज दिया गया। शहर थाने में एसएचओ ने रात को 10 बजे तक बिठाए रखा, मगर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने पर ही जोर देती रही। गौरतलब है कि गांव ढिंगसरा निवासी 25 वर्षीय प्रवीण कुमार और गांव भोड़ियाखेड़ा निवासी 18 वर्षीय शाइना ने करीब डेढ़ महीने पहले 26 अप्रैल को हिसार में शादी कर ली थी। इसके बाद पवन नीट की तैयारी के लिए शाइना को राजस्थान के सीकर में छोड़ आया। आरोप है कि बाद में वहां से शाइना को परिजन गांव ले आए। यहां उसकी संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। प्रवीण कुमार के सुसाइड नोट में युवती के परिजनों पर हत्या के आरोप लगाए गए हैं।
हम नहीं चाहते कोई समझौता, कानून से न्याय चाहिए
पवन ने कहा कि इस मामले में हम कोई समझौता नहीं चाहते हैं। सिर्फ कानून के माध्यम से न्याय चाहते हैं। हमें अंदेशा है कि प्रवीण को प्रताड़ित करके मरने के लिए मजबूर किया गया है। भोड़ियाखेड़ा के सरपंच अनिल गढ़वाल इस मामले में हद से ज्यादा शामिल रहा है। इसके तार एसएचओ से सीधे जुड़े हुए हैं। इसकी पूर्ण जांच की जानी चाहिए। सभी आरोपियों को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार करना चाहिए। जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी से करवाई जाए। पवन के अनुसार उन्हें अंदेशा है कि सुबूत से छेड़खानी की जाएगी। पवन ने परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा और थाने व अदालत में भी पुलिस कस्टडी में ही लाने व छोड़ने की मांग की है।
पवन बोला- पुलिस ने भाई को परेशान किया थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित की जाए
मृतक प्रवीण कुमार के भाई पवन ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके भाई प्रवीण ने भट्टू थाने जाकर शिकायत देनी चाही तो उसे फतेहाबाद शहर थाने में भेज दिया गया। वहां एसएचओ को शिकायत देने गया तो उसे आधी रात तक शहर थाने में ही बिठाए रखा गया। इसकी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित की जाए। इस घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस सरपंचों और आरोपियों के साथ मिलीभगत करती रही और शिकायत पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। दो जानें जा चुकी हैं, लेकिन पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस व पंचायत से संबंधित लोगों ने आरोपियों के साथ मिलकर धमकी देकर, अनावश्यक दबाव बनाकर साइन करवा लिए।