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दो साल तक खुले में पड़े 261.93 एमटी गेहूं के सड़ने की अब होगी जांच

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फतेहाबाद में गेहूं के गोदाम। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। भूना में गोदाम में खुले में पड़े गेहूं के सड़ने के मामले की अब जांच होगी। प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यों की कमेटी गठित की है, जिसमें फतेहाबाद के उपायुक्त जगदीश शर्मा भी शामिल होंगे। ज्ञात रहे कि दो साल तक खुले में पलिंथ में पड़े रहने के कारण सैकड़ों मीट्रिक टन गेहूं सड़ गया था।
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बता दें कि फतेहाबाद के भूना क्षेत्र में हैफेड की ओर से वर्ष 2019-20 के सीजन में गेहूं खरीद के बाद बंसल ओपन पलिंथ में गेहूं रखवाया गया था। यहां पर करीब 16-17 लाख गेहूं के कट्टे रखे हुए थे। जब एफसीआई के अधिकारियों ने चार जनवरी 2022 को इसकी जांच की तो 261.93 मीट्रिक टन गेहूं खराब पाया गया। जिसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी गई थी। गेहूं के खराब होने का कारण क्या रहा, इस ओर किसी अधिकारी नेे ध्यान नहीं दिया था। अब जब मामला सरकार के संज्ञान में आया है और सरकार ने पिछले सात से पांच साल के दौरान गेहूं के सड़ने की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। संवाद
खुले में होने व बारिश के कारण सड़ जाता है गेहूं
गेहूं की खरीद एजेंसियां गेहूं खरीद करने के बाद सरकारी गोदामों के अलावा प्राइवेट गोदामों को भी गेहूं का स्टॉक करने के लिए किराए पर लेती हैं। इनमें ओपन पलिंथ भी होते हैं, जहां खुले आसमान के नीचे गेहूं को रखा जाता है। इन पलिंथों के मालिक गेहूं की ओर अधिक ध्यान नहीं देते। अक्सर बारिश आने के कारण समय पर तिरपाल भी नहीं बिछाया जाता और गेहूं भीग जाता है लंबे समय तक पड़े रहने के कारण यह खराब हो जाता है। भूना में भी दो साल तक गेहूं खुले में पड़ा रहा और 261.93 मीट्रिक टन गेहूं गल सड़ गया। हालांकि डीएफएससी विभाग ने इसकी ऑक्शन निकालकर इसे फीड कंपनियों को बेच दिया था, लेकिन करोड़ों रुपये का यह गेहूं एक तरह से बर्बाद हो गया। जिससे सरकार को भी भारी नुकसान हुआ।
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एफसीआई गेहूं खरीदकर भेजती है केंद्रीय पुल में
हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न खरीद एजेंसियों के माध्यम से किसानों का गेहूं खरीदा जाता है। इसके बाद जितना एलोकेशन एफसीआई को मिलता है, एफसीआई गोदामों में रखे इस गेहूं को खरीदकर सरकार को इसकी पेमेंट करके इसे केंद्रीय पुल में भेज देती है। चार जनवरी 2022 को जब एफसीआई के अधिकारी गेहूं के लिए गए तो यहां पर 600 मीट्रिक टन गेहूं में गड़बड़ी पाई गई। एफसीआई के अधिकारियों ने पलिंथ मालिक को तीन माह का समय देते हुए साफ व खराब गेहूं को अलग करने को कहा और इसके बाद 261.93 मीट्रिक टन गेहूं खराब निकला।
पिछले साल ही बंद कर दिया था ओपन पलिंथ में गेहूं रखना
सरकार द्वारा पिछले साल से ही ओपन पलिंथ के लिए गोदाम हायर करना बंद कर दिया गया था। एफसीआई सहित अन्य खरीद एजेंसियों ने अब ओपन पलिंथ हायर करना बंद कर दिया है। अब पूरी तरह से बंद गोदामों को ही गेहूं रखने के लिए हायर किया जाता है।
गेहूं खुर्दबूर्द करने के मामले हो चुका है केस दर्ज
वर्ष 2017 से 2022 तक भूना में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 12 लाख 35 हजार 826 एमटी गेहूं की खरीद की गई थी। इस गेहूं को भूना के बसंल ओपन पलिंथ व नीरू बाला ओपन पलिंथ में रखा गया था। यहां पर जब सीएम फ्लाइंग ने जांच की तो 2019-20 व 2020-21 के दौरान 528 एमटी गेहूं कम पाया गया। इस मामले में भूना थाना पुलिस ने 11 मार्च 2022 को एएफएसओ एवं उपभोक्ता मामले अधिकारी लेखराज की शिकायत पर भूना के खाद्य उप निरीक्षक राजेंद्र शर्मा के खिलाफ गबन का केस दर्ज किया था। आरोप था कि राजेंद्र शर्मा ने इस गेहूं को खुर्दबूर्द कर दिया।
कोट
एफसीआई हरियाणा सरकार द्वारा खरीदी गई गेहूं को खरीदकर केंद्रीय पुल में भिजवाने का काम करती है। अगर कहीं खराब गेहूं मिलता है तो उसको तीन माह का समय देकर आमजन के खाने लायक गेहूं को निकालने के आदेश दिए जाते हैं। जो गेहूं खराब मिलता है और मानव के खाने लायक नहीं, उसे एफसीआई नहीं खरीदती और रिपोर्ट सरकार को भेज देती है।
-आरएस मीणा, प्रबंधक, एफसीआई।
कोट
भूना में जो गेहूं खराब हुआ था, उसकी जांच के आदेश आए हैं। जांच कमेटी में मेरे अलावा तीन अन्य सदस्य शामिल होंगे। जांच में जो भी मामला सामने आएगा, सरकार को इसकी रिपोर्ट भेज दी जाएगी। जांच में देखा जाएगा कि इस मामले में किसकी गलती थी।
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-जगदीश शर्मा, उपायुक्त, फतेहाबाद।
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