फतेहाबाद। फतेहाबाद जिला पराली जलाने के मामले में इस सीजन में पूरे प्रदेश में नंबर एक पर है। अब तक 88 पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच आग की घटनाओं को रोकने के संबंध में कोई संतोषजनक कार्रवाई न करने पर एसडीएम राजेश कुमार ने भूना के एग्रीकल्चर सुपरवाइजर सहित तीन कर्मचारियों को चार्जशीट करने के लिए उच्चाधिकारियों काे लिखा गया है। वहीं राहत की बात यह है कि सोमवार को हुई बारिश के बाद दो दिनों से जिले में पराली जलाने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।फतेहाबाद में इस बार भी पराली जलाने के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है और जिला प्रदेश में पराली जलाने के मामले में नंबर वन चल रहा है। हरसैक के रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अब तक 80 आगजनी की लोकेशन कृषि विभाग तक पहुंची है। वहीं, आठ शिकायतें दूसरे स्रोतों के माध्यम से विभाग के पास आई हैं। अब तक 45 किसानों को कृषि विभाग की ओर से एक लाख 15 हजार 45 रुपये का जुर्माना ठोका जा चुका है। सोमवार व मंगलवार को फतेहाबाद में कोई भी फायर लोकेशन नहीं आई। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि सोमवार को बारिश के कारण खेतों में पड़ा धान की भूसा गीला हो गया है और किसान इसे जला नहीं सके हैं। जिले का एक्यूआई भी मंगलवार को 119 रहा है।
तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा
वहीं दूसरी ओर एसडीएम राजेश कुमार ने आगजनी घटनाओं को रोकने के संबंध में कोई संतोषजनक कार्रवाई न करने पर भूना के एग्रीकल्चर सुपरवाइजर प्रदीप व राकेश गोदारा व गोरखपुर के पटवारी जगदीश को कार्य में लापरवाही बरतने पर अनुशासनिक कार्रवाई व चार्जशीट करने बारे उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। जिला प्रशासन द्वारा अधिकारियों व कर्मचारियों का दायित्व निर्धारण करने के उपरांत भी मामले को गंभीरता से न लेते हुए पराली की आगजनी की घटना होने के बावजूद आग बुझाने से संबंधित कोई ठोस कार्रवाई न करने पर तीन कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट व अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
कोट -
कृषि विभाग लगातार किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रहा है। जहां पराली की गांठें बनाने के लिए मशीनों की आवश्यकता है, वहां मशीनें भेजी जा रही हैं। जो किसान पराली जला रहे हैं, उन पर सख्ती बरती जा रही है और उनको जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।