फतेहाबाद। शिक्षा विभाग निदेशालय अब जिले के प्राइमरी स्कूलों को भी मर्ज करने की तैयारी कर रहा है। शिक्षा विभाग निदेशालय ने जिले के प्राइमरी स्कूलों को लेकर तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। जिला मौलिक शिक्षा विभाग रिपोर्ट तैयार कर ली है। अगर तीन बिंदुओं के आधार पर शिक्षा विभाग निदेशालय कार्रवाई करता है तो जिले के 95 प्राइमरी स्कूल मर्ज हो सकते हैं। इसमें अकेले खंड फतेहाबाद के ही 22 प्राइमरी स्कूल हैं जो कि मर्ज होंगे।
शिक्षा विभाग निदेशालय ने जिन तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। इसमें पहला बिंदु ये है कि जो प्राथमिक विद्यालय एक ही कैंपस में चल रहा है। दूसरा बिंदु ये है कि जिन प्राथमिक विद्यालयों की दूरी दूसरे प्राथमिक विद्यालयों से 100 मीटर से कम है। तीसरा बिंदु ये है कि जिन प्राथमिक विद्यालयों की दूरी दूसरे प्राथमिक विद्यालयों से 100 मीटर से अधिक है। इस रिपोर्ट को लेकर निदेशालय में सोमवार को बैठक बुलाई गई है। अब इस बैठक में मर्ज करने को लेकर चर्चा होनी है।
जिले में ये हैं प्राइमरी स्कूलों की स्थिति
जिले में कुल स्कूल : 386
0 से 100 मीटर दायरे में स्कूल : 24
100 मीटर से 1 किलोमीटर दायरे में स्कूल : 51
एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्कूल : 44
गांव में एक ही प्राइमरी स्कूल : 237
जिले में पहले शुरू किए गए हैं 86 मॉडल संस्कृति स्कूल
शिक्षा विभाग के जानकारों की माने तो प्राइमरी स्कूलों को मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूलों में मर्ज किया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने जिले में 86 मॉडल संस्कृति स्कूल बनाए हैं। यहां पर अंग्रेजी माध्यम में विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है।
प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति
खंड शिक्षक
भट्टूकलां 198
भूना 305
फतेहाबाद 581
जाखल 169
रतिया 498
टोहाना 378
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जिले के 9 मिडिल स्कूल पहले हो चुके हैं मर्ज
शिक्षा विभाग पिछले साल जिले के 9 मिडिल स्कूलों कोई हाई स्कूलों में मर्ज कर चुका है। इसमें राजकीय मिडिल स्कूल बनगांव, ढिंगसरा, अहरवां, समैन, कंहड़ी, जमालपुर, दहमान, चौबारा शामिल हैं।
कोट
सरकार की मंशा सरकारी स्कूलों को लेकर ठीक नहीं है। मिडिल व हाई स्कूलों को बंद करने के बाद अब प्राथमिक विद्यालय को मर्ज कर सार्वजनिक शिक्षा को समाप्त करने पर उतारू है। शिक्षकों की नई भर्ती करने की बजाए विद्यालयों को मर्ज कर खानापूर्ति में लगी है। जो सीधे तौर पर अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार का हनन है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्राइमरी स्कूलों को मर्ज करने का विरोध करता है। अगर सरकार फैसला वापस नहीं लेगी तो आंदोलन किया जाएगा।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट
शिक्षा विभाग निदेशालय ने प्राइमरी स्कूलों की स्थिति को लेकर तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट तैयारी कर ली गई है। सोमवार को रिपोर्ट को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। बैठक के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी