जिला परिषद चेयरमैन की दौड़ में भाजपा को पिछड़ते देख भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला खुद मैदान में उतरे तो सही लेकिन मैदान में उतरते ही उन्हें शह और मात के इस खेल में भाजपा की पतली हालत का अंदाजा भी हो गया। दरअसल जिले में लगातार बदलते चुनावी समीकरणों के बीच रविवार को होने वाली जिला परिषद की चुनावी बैठक से पहले शुक्रवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने डांगरा में अपने पैतृक निवास पर जिप पार्षदों की बैठक बुलाई। सूचना है कि बैठक में जिला परिषद के 18 में से महज 5 पार्षद ही पहुंचे। इससे पहले, बराला की ब्रेकफास्ट दावत में भी सात पार्षद पहुंचे थे। बराला की दावत में मौजूद रहे कस्वां दंपति शुक्रवार को बराला के निवास पर हुई बैठक से नदारद थे। वार्ड नंबर-5 की युक्ति गोदारा भी टोहाना नहीं पहुंची। हालांकि, उनका खुद का मोबाइल नंबर बंद है लेकिन चुनाव के दौरान उनके सारथी बने देवर आकाश गोदारा ने युक्ति के टोहाना जाने की खबरों से इंकार किया है।
बुखार के बावजूद बराला ने ली बैठक
गृह जिले में जिप चौधर को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को बुखार होने के बावजूद उन्होंने जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों से मुलाकात की। साथ ही भाजपा के स्थानीय नेताओं एवं पदाधिकारियों से भी जिप चेयरमैन चुनाव पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि फिलहाल स्थानीय नेताओं ने बराला को फिलहाल जिप चेयरमैन का चुनाव टलवाने की ही सलाह दी है। सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को बैठक के दौरान बराला ने जिप चेयरमैन पद के लिए पार्षदों से अलग-अलग बात की। ये भी बताया गया है कि कुछ भाजपा समर्थित पार्षदों ने उन्हें चेयरमैन उम्मीदवार बनाने की मांग भी रखी।
विरोधी गुट से मिले थे राजेश कस्वां
जिस कस्वां दंपति को भाजपा अपने खेमे में मानकर चल रहे थे, वे एक दिन पहले ही विरोधी गुट के पार्षदों के साथ मीटिंग कर चुके हैं। उधर, जिन मंदीप कौर गिल को भाजपा अपना सदस्य बता रही थी, वह भी विरोधी गुट का झंडा उठाए हुए हैं। ऐसे में अपनी ताकत का आकलन करने के लिए ही शुक्रवार को टोहाना में जिप पार्षदों को बुलाया गया था। लेकिन कम सदस्यों के चलते बीजेपी भी बैकफुट पर आती दिख रही है।
इन पार्षदों के टोहाना पहुंचने की सूचना
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को बराला निवास पर पहुंचने वाले जिप पार्षदों में वार्ड-1 से अनिल गोरछियां, वार्ड-8 से सुरजीत ओड, कमला भुक्कर, गीता रानी और जगदीश शामिल रहे। ऐसे में ये माना जा रहा है कि 18 सदस्य वाली जिला परिषद में बीजेपी फिलहाल जिप चेयरमैन चुनाव स्थगित करवाने की स्थिति में भी नहीं है। क्योंकि 18 में अगर 12 सदस्य भी पहली बैठक में पहुंचे तो जिप चेयरमैन का चुनाव करवाना प्रशासन की मजबूरी होगी। ऐसे में संभव है कि चुनाव अधिकारी की ही तबीयत खराब हो जाए।
इस बारे में जब बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला से बात करने की कोशिश की गई तो उनके सचिव कृष्ण नैन ने बताया कि अध्यक्ष महोदय को बुखार है और वह दवाई लेकर आराम कर रहे हैं।
दूसरी ओर, बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां अभी भी जिप चेयरमैन पद पर भाजपा का कब्जा होने को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि यह कैसे होगा, इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया। उन्होंने बस इतना कहा कि आप बस छह मार्च तक का इंतजार कीजिए। उन्होंने चुनौती देते हुए फुलां ने कहा कि विरोधी मोर्चा अपना जिप चेयरमैन उम्मीदवार तो घोषित करे।