फतेहाबाद। भाजपा विधायक दुड़ाराम के पीए और उसके दो सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चल रहे धरने को जबरन समाप्त कराने से प्रदर्शनकारियों का पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्सा भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस प्रशासन की ज्यादती को सहन नहीं किया जाएगा। कुम्हारिया सहित कई गांवों के ग्रामीण 16 सितंबर को विधायक आवास के बाहर महापंचायत कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरेंगे। महापंचायत को सफल बनाने के लिए 21 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।
भट्टू रोड पर स्थित विधायक दुड़ाराम के घर के बाहर शुक्रवार से धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को शनिवार सुबह पुलिस जबरन उठा ले गई। पुरुषों को बस और महिलाओं को एंबुलेंस में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया। करीब साढ़े चार घंटे बाद प्रदर्शनकारियों को रिहा किया गया। रिहा होने के बाद चालक सुभाष की पत्नी सहित कई महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए। गांव कुम्हारिया निवासी साहिलदीप कस्वां के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने से लोगों में रोष व्याप्त हो गया।
पुलिस ने बुजुर्ग महिला और किशोरी को भी नहीं बख्शा
लघु सचिवालय के पार्क में पहुंची महिलाओं ने पुलिस पर ज्यादती के आरोप लगाते हुए व्यथा सुनाईं। 72 साल की बुजुर्ग महिला ने पुलिस पर गर्दन पर डंडा मारने का आरोप लगाया। किशोरी ने भी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया।
डीएसपी सुभाष के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग
इस मामले में पुलिस फोर्स का नेतृत्व कर रहे डीएसपी सुभाष बिश्नोई दूसरे दिन ग्रामीणों तथा उनको समर्थन देने पहुंचे आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के नेताओं के निशाने पर आ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि डीएसपी ने विधायक के प्रति वफादारी निभाते हुए ग्रामीणों को जबरन धरनास्थल से उठाया। डीएसपी के कहने पर ही महिलाओं व पुरुषों से मारपीट की गई।
ग्रामीणों ने बनाई 21 सदस्यीय कमेटी
अब इस मामले में किसान संगठनों से लेकर राजनीतिक संगठन भी पूर्व चालक सुभाष व उसके परिजनों के साथ आ गए हैं। किसान नेताओं के साथ-साथ ग्रामीणों की 21 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी ने पांच मांगों को तैयार करते हुए आगामी आंदोलन का फैसला लिया है। महापंचायत में विधायक के पीए को गिरफ्तार करने, 85 लाख रुपये वापस दिलवाने, चालक सुभाष के परिवार को सुरक्षा देने और डीएसपी सुभाष बिश्नोई पर केस दर्ज करने की मांग की जाएगी।
पीए ने दी सफाई, आरोप राजनीतिक षड्यंत्र
वहीं, इस मामले में विधायक दुड़ाराम के पीए राजबीर ने दूसरे दिन सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में सफाई दी है। इसमें उसने कहा है कि इस सारे मामले में दूध का दूध-पानी का पानी होना चाहिए। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह राजनीतिक षड्यंत्र है। उन्होंने एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जनता का सरकार से उठा भरोसा: आनंदवीर
पहले भी चालक सुभाष के आत्महत्या के प्रयास व आरोपों को दबा दिया गया। अब प्रदर्शनकारियों को लठ से दबा रहे हैं। जनता का पुलिस व प्रशासन से भरोसा उठ चुका है। विधायक दुड़ाराम सच्चे होते तो सुभाष व उसकी पत्नी के सवालों से बौखलाते नहीं। सरेआम भ्रष्टाचार हो रहा और पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
-आनंदवीर गिल्लाखेड़ा, युवा कांग्रेसी नेता
भाजपा सरकार में पर्ची-खर्ची के खेल की पोल खुली: कृष्णा
विधायक निवास से प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा जबरन हटाने से भाजपा सरकार की बिना पर्ची-बिना खर्ची के झूठे दावों की पोल खुल गई है। क्या पीए बिना विधायक की स्वीकृति के नौकरी लगाने की पर्चियां पकड़ सकता है। आरोप है कि विधायक की संलिप्तता के बगैर यह संभव नहीं। सरकार इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करवाएं।
कृष्णा पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष, महिला कांग्रेस
विधायक का नार्को टेस्ट करवाए सरकार : राठी
इस घूसकांड में विधायक दुड़ाराम की भूमिका भी मुख्य है। विधायक की शह के बिना यह काम नहीं हो सकता है। इसलिए विधायक का नार्को टेस्ट करवाना चाहिए। फतेहाबाद की जनता को अब भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जनआंदोलन कर देना चाहिए।
-मनोज राठी, प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी
दैयड़ के मोहनलाल की शिकायत पर विधायक के पीए व पूर्व चालक पर केस दर्ज
विधायक दुड़ाराम के पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष के बीच पनपे पैसों के विवाद में शनिवार को एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले में गांव दैयड़ निवासी मोहन लाल ने शहर थाना पुलिस को शिकायत देकर विधायक के पीए राजबीर और पूर्व चालक सुभाष दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज करवा दिया है। ुलिस को दी शिकायत में मोहनलाल ने कहा है कि कल सोशल मीडिया के जरिये देखा कि फतेहाबाद में विधायक की कोठी के आगे सुभाष व अन्य लोग धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसमें सुभाष कह रहा था कि उसने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग लोगों से 85 लाख रुपये इकट्ठे करके राजबीर को दिए थे। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पुलिस ने अपनी एफआईआर में लिखा 10 लोगों से रुपये लिए
पुलिस ने अपनी एफआईआर में लिखा है कि खुफिया तौर से पता चला है कि सुभाष व राजबीर ने जांडली खुर्द के मनोज से 14 लाख रुपये, मनोज के भतीजे अजय के लिए 12 लाख रुपये, गांव मेहूवाला के मांगेराम से तीन लाख रुपये, गांव किरढ़ान के संदीप से तीन लाख रुपये, गांव बैजलपुर के रामनिवास से ढाई लाख रुपये, बैजलपुर के ही राजेश से ढाई लाख रुपये, कुम्हारिया निवासी कृष्ण से तीन लाख रुपये, कुम्हारिया के ही संदीप से तीन लाख रुपये, कुम्हारिया के ही हवासिंह से तीन लाख रुपये, गांव सीसवाल निवासी अजय से तीन लाख रुपये सरकारी नौकरी लगवाने के लिए लिए हैं। एफआईआर में लिखा है कि ये पैसे सुभाष व राजबीर ने लोगों से धोखाधड़ी करके इकट्ठे किए हैं। पुलिस के मुताबिक धारा 406, 420, 34 आईपीसी के तहत अपराध घटित होना पाया गया है।
कोट
विधायक दुड़ाराम के पीए राजबीर व पूर्व चालक सुभाष के खिलाफ दैयड़ निवासी मोहनलाल की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में आगे जांच जारी है।
-जगदीश कुमार, प्रभारी, शहर थाना फतेहाबाद
पुलिस द्वारा हिरासत में लेने के बाद मीडिया के समक्ष न्याय की गुहार लगाता विधायक का पूर्व चालक सुभ- फोटो : Fatehabad
विधायक आवास के बाहर धरने से चालक सुभाष की पत्नी सुनीता को उठाकर ले जाती महिला पुलिसकर्मी।- फोटो : Fatehabad