फतेहाबाद। केंद्र सरकार से बजट न मिलने के कारण जिले के हजारों पेंशनधारकों की मार्च माह की पेंशन अभी तक नहीं आई है। हालांकि अन्य पेंशनधारकों की अप्रैल माह की पेंशन भी आ चुकी है, लेकिन बजट न मिलने के कारण 10 हजार पेंशनधारकों को पेंशन नहीं मिल पाई है। इनमें विधवा, बुजुर्ग व दिव्यांग सभी प्रकार के पेंशनभोगी शामिल हैं।
फतेहाबाद में पेंशनधारक पेंशन के लिए पिछले तीन चार दिनों से समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनको कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। समाज कल्याण विभाग में अपनी पेंशन का पता करने आए बड़ोपल निवासी कलावती, करनौली निवासी सोहनलाल व चिमनलाल ने बताया कि उनके आसपास के लोगों की मार्च माह की पेंशन एक सप्ताह पहले मिल चुकी है, लेकिन उनकी पेंशन नहीं आई है। अधिकारी व कर्मचारी उनको अभी इंतजार करने को कह रहे हैं। उनको इस बात का भय सता रहा है कि कहीं उनकी पेंशन कट तो नहीं गई है, लेकिन इसका भी सही जवाब नही मिल रहा।
पेंशन का 60 फीसदी हिस्सा देती है केंद्र सरकार
प्रदेश में पेंशनधारकों की पेंशन का 60 फीसदी हिस्सा केंद्र व 40 फीसदी हिस्सा प्रदेश सरकार वहन करती है। इस बार केंद्र सरकार से बजट न मिलने के कारण जिले के करीब 10 हजार पेंशनधारकों को पेंशन नहीं मिल पाई है। जिले में इस समय एक लाख 76 हजार पेंशनधारी हैं और 10 हजार पेंशनधारी मार्च माह की पेंशन से अभी भी वंचित हैं।
अकेले ढाणी गोपाल गांव में ही 100 ग्रामीणों को पेंशन का इंतजार
जिले के गांव ढाणी गोपाल में ही 100 ग्रामीणों को पेंशन का इंतजार है। आए दिन पेंशनधारक सीएससी सेंटर पर आकर पेंशन के बारे में सवाल करते हैं। इन 100 ग्रामीणों में बुजुर्गों के अलावा विधवा, दिव्यांग भी शामिल हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी बोले
केंद्र से बजट न मिलने के कारण कुछ पेंशनधारकों की पेंशन रुक गई है। हालांकि मार्च माह की 70 फीसदी से ज्यादा लोगों की पेंशन आ चुकी है, करीबन 10 हजार पेंशनधारकों की पेंशन रुकी हुई है। अगले सप्ताह में पेंशन आ जाएगी, इसलिए पेंशनधारी परेशान न हों।
-नरेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी फतेहाबाद।