भूना (फतेहाबाद)। मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना में नगरपालिका के अधिकारियों ने अनधिकृत तरीके से करोड़ों रुपये की कीमत की 11 दुकानों का दुकानदारों को मालिक बना दिया। जो योजना की शर्तों से कोसों दूर थे। मगर दलालों व अधिकारियों के बीच हुई साठगांठ से कुछ लोगों को शहर की करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव मिल गई। इस पूरे गड़बड़झाले में नगरपालिका कार्यालय के कई लोगों पर उंगलियां उठ रही हैं। नगरपालिका चेयरपर्सन अपर्णा पंकज पसरीजा ने पूरे मामले की मुख्यमंत्री से विजिलेंस जांच करने की मांग करते हुए संबंधित लेखाकार को कारण बताओ नोटिस दिया है। हालांकि, योजना के तहत नगरपालिका ने 22 दुकानों के दुकानदारों को मालिकाना हक दे दिया है, जिनमें से 11 दुकानों का पंजीकरण फर्जी बताया जा रहा है।
दरअसल, नगरपालिका वर्ष 2011 में अस्तित्व में आई थी। इससे पहले भूना ग्राम पंचायत था। इसलिए नगरपालिका के अधिकारी 20 वर्षों का रिकॉर्ड सत्यापित करने से संदेहास्पद घेरे में है। मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना में दिशा निर्देश है कि स्टेट हाईवे की साथ की संपत्ति इस दायरे में शामिल नहीं है। परंतु कायदे कानून को ताक पर रखकर दुकानदारों से मोटा नजराना लेकर 22 दुकानदारों को दुकानों का मलिकाना हक दे दिया है। इसके बाद नगरपालिका चेयरपर्सन व पार्षदों ने बखेड़ा कर दिया। दुकानों के पंजीकरण के दौरान डेवलपमेंट चार्ज नहीं लिया गया। परंतु जब कोई भी प्लाॅट या दुकान की रजिस्ट्री होने से पूर्व तहसील में नगरपालिका द्वारा एनओसी जारी होती है, उसमें 600 रुपये प्रति गज डेवलपमेंट चार्ज देना पड़ता है।
नगरपालिका का रिकॉर्ड सितंबर 2022 में जलभराव की भेंट चढ़ गया था
नगरपालिका का सितंबर 2022 में संपूर्ण रिकॉर्ड जलभराव की भेंट चढ़ गया था। इसके बाद नगरपालिका अधिकारी विभिन्न प्रकार की आरटीआई व अन्य रिकाॅर्ड मांगने पर जलभराव में खराब होने का ही एक ही रटा रटाया जवाब देते हैं। परंतु उकलाना रोड व हिसार रोड पर करोड़ों रुपये की बेशुमार प्रॉपर्टी का वर्षों पुराना रिकॉर्ड कहां से उपलब्ध हो रहा है, इस पर सवालिया निशान लग रहे हैं। नगरपालिका ने दुकानों के पंजीकरण रिकॉर्ड में दुकानदार का 20 वर्षों से संबंधित जो शपथ पत्र लगाया गया है, उसमें आधिकारिक तौर पर कोई भी सत्यापित नहीं है। वह नोटरी द्वारा प्रमाणित किया हुआ है।
बिना किसी लेनदेन के उनकी रजिस्ट्री जल्द करवाएंगे : चेयरपर्सन
कुछ दुकानदारों द्वारा आरोप लगाए गए थे कि लेखाकार उनकी दुकानों के कागज पूरे होने पर भी रजिस्ट्री करवाने में कोताही बरत रहा है। लेखाकार द्वारा कई दुकानों की रजिस्ट्री बिना चेयरपर्सन और पार्षदों की अनुमति के करवाई गई है, जो सरासर गलत है। इसलिए लेखाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह बहुत अच्छी योजना चलाई है। सभी दुकानदारों का साथ देकर बिना किसी लेनदेन के उनकी रजिस्ट्री ईमानदारी से जल्द करवाएंगे।
-अपर्णा पंकज पसरीजा, चेयरपर्सन, भूना नगरपालिका
गड़बड़झाला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : डीएमसी
नगरपालिका भूना में मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना को लेकर दुकानों के पंजीकरण मामले में गड़बड़झाला किया गया है तो किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। इसको लेकर सोमवार को नगरपालिका भूना में जाकर संपूर्ण रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
-संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त, फतेहाबाद