फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में दो दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को ओपीडी शुरू हो गई। ओपीडी खुलने के साथ ही मरीजों की भी भीड़ रही। लेकिन दो दिन की छुट्टी के बाद भी नागरिक अस्पताल में डेंटल और मनोचिकित्सक की ओपीडी बंद रही। इसके चलते मरीजों को परेशानी भी उठानी पड़ी। अस्पताल में मंगलवार को करीब 650 से 700 तक ओपीडी रही। टीबी रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर मरीजों की दोपहर तक भीड़ लगी रही। बुधवार को डॉक्टर मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे और ओपीडी पूरा दिन बंद रहेगी। हालांकि अस्पताल में इमरजेंसी और लेबर रूम में स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। अगर मांगे नहीं मानी गई तो 29 दिसंबर को डॉक्टर इमरजेंसी सेवाएं बंद करके हड़ताल पर चले जाएंगे। हालांकि 27 दिसंबर के बाद 28 दिसंबर को ओपीडी खुली रहेगी। नागरिक अस्पताल में बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की ओपीडी बढ़ रही है। तापमान में गिरावट के साथ बुजुर्ग और बच्चों पर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि ठंड बढ़ने के कारण बुजुर्ग की सेहत पर असर पड़ रहा है। ऐसे में बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने का परहेज करना चाहिए और गर्म कपड़े पहनकर रखें। जितना ज्यादा हो सके गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
मांगे नहीं मानी गईं तो इमरजेंसी सेवाएं भी करेंगे बंद
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस के जिला प्रधान डॉ. भरत सहारण का कहना है कि मांगों को लेकर पहले भी सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते मजबूरन उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है। अगर मांगे नहीं मानी गईं तो इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। उनकी सरकार से मांग है कि डॉक्टरों के लिए विशेष कैडर का गठन किया जाए। एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉड राशि को एक करोड़ से घटाकर 50 लाख किया जाए। पीजी को लेकर पॉलिसी बनाई जाए।
कोट
अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। डॉक्टरों ने मांगों को लेकर हड़ताल की घोषणा कर रखी है। मरीज इमरजेंसी में दवा ले सकते है। कोई दिक्कत न हो इसको लेकर प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन